बिहार में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के ज्यादातर जिलों में कोहरा और ठंडी पछुआ हवाओं के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राजधानी पटना समेत राज्य के 30 जिलों में कोल्ड डे अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। इसके साथ ही अत्यंत घने कोहरे की संभावना जताई गई है। विभाग ने चेताया है कि 31 दिसंबर तक मौसम में कोई खास सुधार नहीं होगा और घना कोहरा तथा कोल्ड डे जैसी परिस्थितियां बनी रहेंगी।
राज्य के न्यूनतम तापमान को देखा जाए तो यह 7.4 डिग्री सेल्सियस से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सबसे ठंडे स्थानों में भागलपुर के सबौर और औरंगाबाद शामिल हैं, जहाँ न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गया, पटना और वाल्मीकि नगर में दृश्यता अत्यंत कम रही। वहीं, राज्य के अन्य क्षेत्रों में हल्का से मध्यम कोहरा बना रहा।
विशेष रूप से, राज्य के सात जिलों—औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नालंदा, छपरा, भागलपुर (सबौर) और वाल्मीकि नगर—का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी पटना का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो बीते 24 घंटों में 2.6 डिग्री कम हुआ। वहीं, अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखी गई, जहां पटना में 14.6 डिग्री सेल्सियस और किशनगंज में 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने बताया कि पछुआ हवाओं के कारण कनकनी बढ़ी हुई है, जिससे राजधानी और आसपास के इलाकों में ठंड का असर और महसूस किया जा रहा है। कोहरे और शीतलहर के कारण सड़कों पर दृश्यता कम है और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार में ठंड का असर केवल राजधानी और उत्तर-पश्चिम जिलों तक सीमित नहीं है। राज्य के अधिकांश इलाके, खासकर उत्तर और मध्य बिहार, सुबह और देर रात के समय बेहद ठंडे हो गए हैं। लोगों ने बताया कि घर के अंदर भी गर्म कपड़ों की आवश्यकता महसूस हो रही है।
मौसम विभाग ने आम लोगों से सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को ठंड में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही कोहरे और कम दृश्यता के कारण सड़क और रेल यात्रा में सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
राज्य के स्कूल और कॉलेज प्रशासन को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में कोहरे और शीतलहर का दौर जारी रहेगा, इसलिए आवश्यक सावधानियां आवश्यक हैं।
विशेष रूप से, भागलपुर और औरंगाबाद के सबौर में 7.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे ठंडा मौसम देखा गया। इसके बाद गया, जहानाबाद और नालंदा में भी न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री के बीच दर्ज हुआ। छपरा और वाल्मीकि नगर में भी तापमान 9 डिग्री के करीब रहा।
इस समय, बिहार में ठंड का असर सड़कों, नदी और खेतों में भी देखा जा रहा है। किसान अपने फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय कर रहे हैं। वहीं, लोगों ने कहा कि सुबह और शाम के समय घरों के अंदर भी गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है।
राज्य के मौसम विज्ञान विभाग ने चेताया है कि कोहरे और कोल्ड डे जैसी परिस्थितियां अगले हफ्ते तक बनी रह सकती हैं। इस दौरान लोग गर्म कपड़े पहनें, खुले में समय बिताने से बचें और खासकर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्क रहें।