उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हाल ही में एक इंटरव्यू में सवाल पूछा गया कि क्या वे हिन्दुत्व के “पोस्टर बॉय” बनने की दौड़ में आगे हैं। यह सवाल अन्य नेताओं जैसे योगी आदित्यनाथ, हिमंता बिस्वा सरमा और देवेंद्र फडणवीस के संदर्भ में पूछा गया था।
इस पर धामी ने बहुत संतुलित जवाब देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में ऐसी कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होती। उन्होंने साफ कहा कि हर नेता अपने राज्य और परिस्थितियों के अनुसार काम करता है और पार्टी में सभी को जो जिम्मेदारी दी जाती है, वही निभाई जाती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी का नेतृत्व सब पर नजर रखता है और सबका काम सामूहिक रूप से आगे बढ़ता है।
धामी ने यह भी कहा कि जिन नेताओं का नाम लिया गया है, उनका अनुभव बहुत बड़ा है और वे अपने-अपने राज्यों में बेहतर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जहां “होड़” नहीं बल्कि जिम्मेदारी और काम पर जोर दिया जाता है।
सीएम धामी ने अंकिता भंडारी मामले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी को बचाने का कोई सवाल ही नहीं है और मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की एसआईटी ने भी लोगों से सबूत देने को कहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है। धामी ने दोहराया कि कानून अपना काम कर रहा है और इसमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होगा।
इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जनता सब समझती है और उनकी सरकार ईमानदारी से काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मामले का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रहे हैं। इस दौरान धामी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार के एक मामले में उन्हें इसलिए बुलाया गया क्योंकि नाम के साथ “मोहम्मद” जुड़ा था।
धामी ने साफ कहा कि उनकी सरकार समाज को बांटने का काम नहीं कर रही और राज्य में ऐसा कोई माहौल नहीं है। सीएम धामी ने “हिन्दुत्व पोस्टर बॉय” की बहस को नकारते हुए इसे प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि जिम्मेदारी बताया। साथ ही, उन्होंने संवेदनशील मुद्दों पर अपनी सरकार की कार्यशैली को पारदर्शी और कानून आधारित बताया।