केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक कल्याणकारी रोडमैप बताया, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भ्रष्टाचार की “अदृश्य बही” करार दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में अहम कदम है।
अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा,
“माघी पूर्णिमा एवं सद्गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के पावन अवसर पर आज माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27, ‘विकसित भारत’ के निर्माण का एक प्रेरणादायी खाका है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह बजट युवाओं को अवसर, किसानों को सुरक्षा, उद्यमियों को प्रोत्साहन, मध्यम वर्ग को राहत और श्रमिकों को सम्मान प्रदान करेगा।
विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट पर सवाल उठाते हुए इसे जनता की अपेक्षाओं से दूर बताया। उन्होंने बजट को भाजपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक करार दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि बजट में आम जनता के लिए ठोस राहत के बजाय आंकड़ों और दावों का सहारा लिया गया है। उन्होंने इसे “अदृश्य बही” बताते हुए कहा कि इसमें जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी
केंद्रीय बजट को लेकर उत्तर प्रदेश में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच प्रतिक्रिया और प्रतिप्रतिक्रिया का सिलसिला जारी है। जहां भाजपा इसे विकास और कल्याण का दस्तावेज बता रही है, वहीं विपक्ष इसे चुनावी बजट करार दे रहा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026–27 पेश किया, जिसमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई प्रावधान शामिल हैं।