गुजरात के अहमदाबाद में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शहर के करीब 10 प्रतिष्ठित स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस धमकी भरे संदेश में स्पष्ट रूप से लिखा था—”हम बदला लेंगे”। इस ईमेल के सामने आते ही अभिभावकों और स्कूल प्रशासन में दहशत फैल गई, जिसके बाद तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया।
जांच और सुरक्षा उपाय
मामले की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद पुलिस की विभिन्न टीमें, स्थानीय थाना प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आए। पुलिस ने बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड के साथ मिलकर संबंधित स्कूलों में सघन तलाशी अभियान चलाया।
डीसीपी (ज़ोन 1) हर्षद पटेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
“अहमदाबाद के लगभग 10 स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले हैं। हमारी टीमें हर स्कूल की बारीकी से जांच कर रही हैं। अब तक की तलाशी में किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों की दोपहर की पाली (आफ्टरनून शिफ्ट) को रद्द कर दिया गया
अभिभावकों में डर, स्कूलों में छुट्टी
जैसे ही बम की खबर फैली, स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए दोपहर के सत्र को निलंबित कर दिया और बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेजने की व्यवस्था की। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। साइबर सेल की टीम अब उस आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने में जुटी है, जहां से ये ईमेल भेजे गए थे, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
अहमदाबाद स्कूल बम थ्रेट: सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष रिपोर्ट
अहमदाबाद में आज सुबह का नजारा किसी डरावने सपने जैसा था। शहर के 10 बड़े स्कूलों के इनबॉक्स में जब ‘धमकी भरा ईमेल’ लैंड हुआ, तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। ईमेल में लिखा गया “हम बदला लेंगे” शब्द किसी गहरी साजिश या शरारत की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही है, क्योंकि हाल के दिनों में देश के कई बड़े शहरों में इस तरह के ‘होक्स कॉल’ या ईमेल की बाढ़ सी आ गई है।
अहमदाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। शहर के जोन 1 के डीसीपी हर्षद पटेल ने खुद कमान संभाली और यह सुनिश्चित किया कि हर स्कूल के चप्पे-चप्पे की जांच हो। स्कूलों ने अपनी दोपहर की शिफ्ट को स्थगित कर दिया है ताकि पुलिस को जांच में कोई बाधा न आए और बच्चे किसी भी संभावित खतरे से दूर रहें।
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और स्कूलों के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह ईमेल किसी विदेशी सर्वर से भेजा गया है या यह स्थानीय स्तर पर की गई कोई शरारत है। फिलहाल, पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त तेज कर दी गई है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें।