बलरामपुर/लखनऊ, मार्च 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माँ के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना बिहार के एक मौलाना को महंगा पड़ गया है। बलरामपुर पुलिस ने मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ 7 मार्च को नगर कोतवाली थाने में FIR दर्ज की है। इस मामले ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में राजनीतिक हलचल मचा दी है और BJP कार्यकर्ताओं ने बलरामपुर से लेकर लखनऊ तक विरोध प्रदर्शन किए हैं।
कैसे दर्ज हुई FIR?
बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि जिला BJP अध्यक्ष रवि मिश्रा की शिकायत के आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। मौलाना अब्दुल सलीम पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 यानी अपमान और धारा 353-2 यानी सार्वजनिक शांति भंग करने के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक सभा में की थी कथित टिप्पणी
शिकायत के अनुसार मौलाना अब्दुल सलीम ने एक धार्मिक सभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माँ के बारे में आपत्तिजनक बातें कहीं। इसके अलावा उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को गौहत्या से जुड़े कानूनों के खिलाफ भड़काने की कोशिश की। BJP जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा का कहना है कि इस टिप्पणी से BJP कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज में गहरा आक्रोश फैला है और इससे सामाजिक सद्भाव को खतरा पैदा हो सकता है।
BJP का जगह-जगह विरोध प्रदर्शन
मौलाना की कथित टिप्पणी के सामने आते ही बलरामपुर और लखनऊ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में BJP कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और मौलाना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लखनऊ में भी पुलिस को एक अलग FIR दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है।
रवि किशन ने की कड़ी निंदा
गोरखपुर से BJP सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह टिप्पणी निंदनीय और अस्वीकार्य है और इसने मौलाना की मानसिकता को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माँ को सर्वोच्च सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। जो लोग मातृत्व का अपमान करते हैं वे दरअसल अपने खुद के संस्कारों और मानसिकता को उजागर करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी सोच को यह देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मौलाना अब्दुल सलीम की गिरफ्तारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन राजनीतिक दबाव और व्यापक विरोध के बीच प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बना हुआ है।