बिहार चुनाव 2025 में सत्ता के सिंघासन को पाने के लिये सियासी दलों में घमासान जारी है पहले चरण के मतदान के बाद अब एनडीए और महागठबंधन दूसरे चरण में जनता का आशीर्वाद पाने के लिये सियासी मंचो से रैली और रोड शो कर आशीर्वाद मांग रहे है। जहाँ एक ओर एनडीए की जीत के लिये देश के प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री ,केंद्रीय मंत्री और कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री लगातार जनसभा और रोड शो कर रहे है तो महागठबंधन भी अपनी सियासी बिसात बिछाने में कोई कसर नही छोड़ रहा है। महागठबंधन के लिये मुख्यमंत्री का चेहरा बने आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव , कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ,सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जनसभा कर बिहार वासियों से वोट की अपील की है । बिहार की सियायत में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि कल शाम से प्रचार पूरी तरह से थम जाएगा और 11 नवम्बर को दूसरे चरण के लिये 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। जिसके लिये 1302 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। बता दें कि , पहले चरण में हुये रिकार्डतोड़ मतदान के बाद अब सबकी निगाहें दूसरे चरण में टिकी है।
आज मंच से नेताओ का बड़े बयान
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार में 2 जनसभाओं को संबोधित कियाजहाँ उन्होंने कहा कि बिहार ने पहले चरण में ‘जंगलराज गैंग को 65 – वोल्ट का झटका दिया है। पीएम ने कहा कि अब हमें कट्टा सरकार नही स्टार्ट – अप बिहार चाहिये। इसके साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंच से राज्य में औद्योगीकरण और चीनी मिलों की स्थापना का वादा किया। विपक्ष पर हमला करते हुऐ गृहमन्त्री ने परिवारवाद और माफियाराज का आरोप महागठबंधन पर लगाया तो वहीं महागठबंधन के मुख्यमंत्री फेस तेजस्वी यादव चुनाव मंच से युवाओं को रोजगार ,लोकल विकास पर फोकस देते हुए जनता से महागठबंधन को जिताने की अपील की है। महागठबंधन के समर्थन में जनसभा करने आई कांग्रेस नेता प्रियांका गाँधी वाड्रा ने मंच से कहा कि महिलाओं को जो एनडीए की योजना के तहत पैसा खाते में मिला है उसे रख ले लेकिन वोट महागठबंधन को दे। प्रियंका ने कहा कि आज बिहार का युवा मजबूरी में रोजगार के लिये पलायन को मजबूर है। हमारी सरकार बनने पर हम बिहार में ही रोजगार के लिये बड़े उद्योग लगाएंगे। वही सपा प्रमुख ने भी मंच से केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो बांटने की राजनीति करते है हम रोजगार देने के साथ ही भाई चारे का संदेश लेकर आये है। एनडीए सरकार चुनाव जीतने के लिये झूठे वादे कर रही है। चुनाव में जीत के लिये दोनों दल कोई कसर नही छोड़ रहे है लेकिन जीत का ताज किसके सर आएगा इसका फैसला तो आगामी 14 नवम्बर को होगा ।