बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से हलचल पैदा कर दी है। नतीजों पर विपक्ष की ओर से सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वालों में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रहे। उन्होंने एनडीए द्वारा 202 सीटें जीतने पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये परिणाम “समझ के बाहर” हैं और इन्हें ‘पचाना मुश्किल’ है। बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हमेशा जीत और हार, दोनों से सीख देते हैं, लेकिन बिहार के इस परिणाम ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अखिलेश यादव ने बीजेपी के उस दावे पर भी टिप्पणी की जिसमें कहा गया था कि उन्हें महिलाओं का भारी समर्थन मिला। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि 10,000 रुपये देने की घोषणा आखिर कब तक चलेगी और लोगों को सम्मानजनक जीवन कब मिलेगा? यादव ने जोर देते हुए कहा कि बिहार की जीत को उत्तर प्रदेश की जीत के बराबर नहीं समझा जा सकता और समाजवादी पार्टी अब यूपी में बड़े और कड़े मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है।
बिहार के परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि 202 सीटों का आंकड़ा ‘डबल सेंचुरी’ की तरह है, लेकिन इसे समझ पाना मुश्किल है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर कोई दल इतनी सीटें जीत सकता है, तो सिद्धांत रूप से कोई भी पार्टी 70–80 प्रतिशत सीटें हासिल कर सकती है। उन्होंने इसे एक “नया बेंचमार्क” बताया और कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य अब इस मानक को पीछे छोड़ना है।
अखिलेश यादव ने यह भी बताया कि यूपी में हाल की हार ने पार्टी को काफी अनुभव दिया है और वही सीख उन्हें आने वाले चुनावों में बड़ी जीत का रास्ता दिखाएगी। उनका कहना है कि बिहार के नतीजों ने विपक्ष को एक नई दिशा दी है, और सपा अब उत्तर प्रदेश में निर्णायक लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार होकर मैदान में उतरेगी।