बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन और एनडीए के बीच सियासी लड़ाई तेज़ हो गई है। महागठबंधन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान हो चुका है। सीएम फेस तेजस्वी यादव ने प्रचार अभियान शुरू कर दिया है और ताबड़तोड़ जनसभाओं में शामिल हो रहे हैं।हालांकि कुछ विधानसभा सीटों पर राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इन्हें राजनीतिक गलियों में ‘फ्रेंडली फाइट’ के रूप में देखा जा रहा है। ऐसी सीटों पर सवाल उठ रहा है कि महागठबंधन के नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव किसके पक्ष में प्रचार करेंगे।
मुख्य सीटें और मुकाबला:
सुल्तानगंज: राजद के चंदन सिन्हा बनाम कांग्रेस के ललन यादव; एनडीए से जदयू के ललित नारायण मंडल।
कहलगांव: राजद रजनीश भारती बनाम कांग्रेस प्रवीण कुशवाहा; एनडीए जदयू के शुभानंद मुकेश।
सिकंदरा: राजद उदयनारायण चौधरी बनाम कांग्रेस विनोद चौधरी; एनडीए हम के प्रफुल्ल मांझी।
नरकटियागंज: राजद दीपक यादव बनाम कांग्रेस शाश्वत केदार पांडेय; एनडीए भाजपा संजय पांडेय।
चैनपुर: राजद ब्रिज किशोर बिंद बनाम वीआईपी गोविंद बिंद; एनडीए जदयू जमा खान।
करगहर: कांग्रेस संतोष मिश्रा बनाम सीपीआई महेंद्र गुप्ता; एनडीए जदयू वशिष्ट सिंह।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि छठ पर्व के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल-प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार में शामिल होंगे, लेकिन ये फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर प्रचार से बच सकते हैं।
अशोक गहलोत का बयान:
पूर्व राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि महागठबंधन एकजुट है और मिलकर चुनाव जीतेगा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में सिर्फ पांच-छह सीटों पर आपसी सहमति से ‘फ्रेंडली फाइट’ हो सकती है। सत्ता पक्ष की अफवाहों पर ध्यान न दें, हमारा गठबंधन मजबूत और संगठित है। महागठबंधन ने अपने सीएम और उपमुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा कर दी है, जबकि एनडीए ने अभी तक मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर नहीं देखना चाहती।