लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अपने भतीजे और अब तक पार्टी के चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर रहे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बना दिया है। इस निर्णय के साथ अब पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्ष और नेशनल कोऑर्डिनेटर सीधे आकाश आनंद को रिपोर्ट करेंगे। इस कदम को बसपा के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
संगठन में बदलाव और आकाश की नई जिम्मेदारी
बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी में नई ऊर्जा भरने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाकर मायावती ने साफ संकेत दिया है कि अब संगठन की कमान वह अपने भतीजे को सौंप रही हैं। इस फैसले के बाद प्रदेश अध्यक्षों और अन्य राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटरों को आकाश आनंद को रिपोर्ट करना होगा। इस बदलाव से न केवल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सियासत में आकाश का दखल बढ़ेगा, बल्कि अब उन्हें बिहार जैसे राज्यों में पार्टी का जनाधार खड़ा करने की भी जिम्मेदारी दी गई है।
बिहार मिशन पर आकाश आनंद
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मायावती का यह निर्णय आकाश आनंद की आगामी बिहार यात्रा से पहले लिया गया है। बिहार में पार्टी का खाता खोलने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। आकाश आनंद 10 सितंबर से कैमूर जिले से चुनावी दौरा शुरू करेंगे। यह यात्रा 10 दिनों तक चलेगी, जिसमें वह विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे और स्थानीय नेताओं से संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा करेंगे। यह दौरा बसपा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि अब तक बिहार की राजनीति में बसपा की पकड़ कमजोर रही है।
31 अगस्त को मुंबई में अहम बैठक
बिहार दौरे से पहले आकाश आनंद 31 अगस्त को मुंबई में एक अहम संगठनात्मक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में पार्टी की मजबूती और जनाधार को बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुंबई बैठक के जरिए आकाश आनंद पहली बार एक बड़ी जिम्मेदारी के साथ संगठन की बागडोर संभालते नजर आएंगे।
नई टीम: चार की जगह छह नेशनल कोऑर्डिनेटर
बसपा ने इस बार चार की जगह छह नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाए हैं। इनमें शामिल हैं –
- रामजी गौतम
- राजाराम
- रणधीर सिंह बेनीवाल
- लालजी मेधांकर
- अतर सिंह राव
- धर्मवीर सिंह अशोक
इन छह नेताओं को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का जिम्मा दिया गया है।
आकाश आनंद का कद क्यों बढ़ा?
बसपा की राजनीति लंबे समय से मायावती के इर्द-गिर्द रही है। लेकिन अब पार्टी की अगली पीढ़ी को आगे लाने की कवायद तेज हो गई है। आकाश आनंद ने हाल के वर्षों में लगातार यूपी, दिल्ली और अन्य राज्यों में सक्रियता दिखाई है। उन्हें युवा चेहरा मानते हुए बसपा संगठन को नया आयाम देने की तैयारी कर रही है। आकाश के नेतृत्व से पार्टी को युवाओं और नए वोट बैंक को जोड़ने की उम्मीद है।
चुनाव से पहले बड़ा संदेश
बसपा का यह कदम आने वाले विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी के लिहाज से बड़ा माना जा रहा है। मायावती का यह निर्णय न केवल संगठन में बदलाव का संकेत है, बल्कि यह भी बताता है कि अब पार्टी का भविष्य आकाश आनंद के हाथों में है।
आकाश आनंद की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद आकाश आनंद ने मायावती का आभार व्यक्त किया और कहा – “मैं बहनजी के भरोसे और आशीर्वाद पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा। संगठन को और मजबूत करना ही मेरा लक्ष्य है।”
बसपा में यह बदलाव केवल संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि पार्टी की भावी रणनीति की दिशा तय करता है। आकाश आनंद को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में बसपा का चेहरा और संगठन दोनों में नई ऊर्जा और नेतृत्व उभरने वाला है।