टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के भीतर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब टीम के स्टार बल्लेबाज Babar Azam को नामीबिया के खिलाफ मैच में बल्लेबाजी के लिए नहीं उतारा गया। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में चर्चा और विवाद दोनों को जन्म दिया, क्योंकि बाबर लंबे समय से टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे हैं।
इस मुकाबले में बाबर की जगह ख्वाजा नफे को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, जबकि Shadab Khan को पांचवें नंबर पर उतारा गया। टीम के इस फैसले का असर भी देखने को मिला, क्योंकि पाकिस्तान ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 199 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
हालांकि, इस निर्णय को कई लोगों ने बाबर आजम की “बेइज्जती” के तौर पर देखा। खासकर तब, जब बाबर पहले टीम के कप्तान रह चुके हैं और लगातार शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करते आए हैं।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शादाब खान ने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम में हर खिलाड़ी को प्रोफेशनल तरीके से फैसलों को स्वीकार करना चाहिए।
शादाब ने कहा,
“एक प्रोफेशनल खिलाड़ी के तौर पर आप इन बातों को दिल पर नहीं ले सकते। टीम का मैसेज बिल्कुल साफ है—हर खिलाड़ी सिर्फ पाकिस्तान को जिताने के लिए खेल रहा है। इसमें किसी भी खिलाड़ी के लिए कोई व्यक्तिगत बात नहीं है।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि बाबर को बाहर रखना कोई प्रयोग (एक्सपेरिमेंट) नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से रणनीति का हिस्सा था। शादाब के अनुसार, टीम मैनेजमेंट परिस्थितियों और मैच की जरूरत के अनुसार बदलाव करता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम चयन में कोई गड़बड़ी थी, तो उन्होंने साफ तौर पर इनकार किया।
“क्या आपको लगता है कि पाकिस्तान इतनी एक्सपेरिमेंट करता है? मुझे नहीं लगता। बाबर को पूरी तरह पता है कि उसका रोल क्या है और कब उसे बल्लेबाजी के लिए आना है,” शादाब ने कहा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान टीम हाल ही में भारत के खिलाफ हार के बाद दबाव में थी। इस हार के कारण टीम पर ग्रुप स्टेज से बाहर होने का खतरा भी मंडरा रहा था। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने रणनीति में बदलाव करते हुए बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल किया।
बाबर आजम की फॉर्म भी पिछले कुछ समय से सवालों के घेरे में रही है। भले ही वह कुछ मैचों में रन बना रहे हों, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। पहले सलमान आगा जैसे खिलाड़ी उनसे ऊपर बल्लेबाजी करने लगे थे और अब यह नया फैसला भी उसी रणनीतिक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है।
पाकिस्तान की इस जीत ने फिलहाल टीम को राहत जरूर दी है, लेकिन बाबर को लेकर उठे सवाल अभी भी चर्चा में हैं। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें किस भूमिका में इस्तेमाल करता है और क्या वह अपनी पुरानी फॉर्म में वापसी कर पाते हैं।