समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मो. आजम खां एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राजधानी लखनऊ पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैंने 50 साल सियासत की, लेकिन लखनऊ में मेरी कोई कोठी नहीं है। इसके बावजूद मुझे भूमाफिया घोषित किया गया है।
गोपनीय रहा आजम खां का लखनऊ दौरा
आजम खां का लखनऊ दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। वह एक निजी होटल में ठहरे और वहां पर सपा नेताओं का आना-जाना लगातार बना रहा।जानकारी के मुताबिक, उनसे मिलने वालों में पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा और मुख्तार अंसारी के बड़े भाई, पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी भी शामिल थे। इसी दौरान उन्होंने लेखक हैदर अब्बास की पुस्तक “सीतापुर की जेल डायरी” का विमोचन भी किया।
यूपी-बिहार की राजनीति पर तीखी टिप्पणी
पत्रकारों से बातचीत में आजम खां ने उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीतिक स्थिति पर तीखे शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर मैं भूमाफिया होता तो लखनऊ में मेरे पास भी कोठी होती। रामपुर में जहां रहता हूं, वहां बारिश का पानी भर जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सवाल मत पूछिए, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर है। बिहार के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज भी वहां जंगलराज जैसी स्थिति है इसलिए वे वहां चुनाव प्रचार करने नहीं गए।
प्रधानमंत्री के बयान पर तंज
प्रधानमंत्री के कट्टा वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आजम खां ने कहा कि अगर किसी को जानकारी है कि बिहार में कट्टा बिक रहा है, तो बताएं कि कितने सालों से बिक रहा है। हमारे यहां तो कट्टा बेचने वाले का बेटा विधायक बन गया और उसे कमांडो मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में किसी राज्य को जंगल कहना उसकी तौहीन है और ऐसे अल्फाजों की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
भाजपा नेताओं पर हमला
रामपुर के भाजपा विधायक आकाश सक्सेना पर निशाना साधते हुए आजम खां ने कहा कि उनकी दर्ज कराई गई एफआईआर के कारण उन्हें, उनकी पत्नी और बेटे को जेल जाना पड़ा। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बिहार-पाकिस्तान वाले बयान पर उन्होंने कहा कि ‘बिहार पाकिस्तान नहीं है। ऐसे बयान देने वालों को आज सफाई देनी पड़ रही है, क्योंकि यह लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है।’
अखिलेश यादव से मुलाकात ने बढ़ाया सियासी तापमान
कुछ दिन पहले अखिलेश यादव और आजम खां की मुलाकात ने भी यूपी की सियासत को गरमा दिया था। जेल से रिहा होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। अखिलेश यादव ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक शेर लिखते हुए कहा- क्या कहें भला उस मुलाक़ात की दास्तान, जहाँ बस जज़्बातों ने खामोशी से बात की। इस दौरान अखिलेश यादव ने आजम खां को एक पेन भी गिफ्ट किया। रामपुर स्थित उनके आवास पर हुई इस मुलाकात में सपा का कोई अन्य बड़ा नेता मौजूद नहीं था लेकिन बाहर बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद थे जो बेहद उत्साहित दिखे।
नतीजा
आजम खां के इस बयान और अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। वहीं भूमाफिया वाले बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।