भावनाओं में बहने से बचें, सोच-समझकर निर्णय लें: पूर्व बांग्लादेश कप्तान तमीम इकबाल ने बोर्ड को दिया सुझाव

Vin News Network
Vin News Network
5 Min Read
तमीम इकबाल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भावनाओं में बहने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी।

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) से कहा है कि वह भारत दौरे को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और सभी पहलुओं पर गहन विचार करें। यह विवाद तब सामने आया जब सात फरवरी से शुरू होने वाले विश्व कप को लेकर बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत दौरे में हिचकिचाहट दिखाई और अपने मैचों को सह-मेजबान श्रीलंका में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया।

पृष्ठभूमि में यह मामला तब और जटिल हो गया जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के बीच कोलकाता नाइटराइडर्स ने अपने तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर रिलीज कर दिया। इस घटना के बाद देश में क्रिकेट और राजनीति के बीच बढ़ते तनाव ने बोर्ड के निर्णयों पर असर डाला।

तमीम इकबाल ने ‘क्रिकबज’ से बातचीत में कहा, “स्थिति फिलहाल संवेदनशील है। इसलिए अचानक कोई बयान देना कठिन है। लेकिन यह देखना जरूरी है कि बांग्लादेश क्रिकेट की स्थिति वर्तमान में कैसी है और इसके भविष्य के लिए क्या निर्णय सही रहेगा। कई समस्याओं का समाधान बातचीत और समझदारी से संभव है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि बोर्ड का फैसला हमेशा क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक या सार्वजनिक दबाव में।

बोर्ड और सरकार के बीच मतभेद

इस मामले में बांग्लादेश खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने स्थल परिवर्तन के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव का सवाल है और भारत विरोधी भावनाओं के चलते बोर्ड को भारत में खेलने से हिचकिचाना नहीं चाहिए। वहीं, बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल और उनकी टीम ने इस दृष्टिकोण से पूरी तरह सहमति नहीं जताई। उन्होंने बोर्ड की स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता पर जोर दिया।

तमीम इकबाल ने कहा, “हम बीसीबी को स्वतंत्र संस्था मानते हैं। निश्चित रूप से सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन बोर्ड को अपने फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए। अगर बोर्ड किसी निर्णय को सही मानता है, तो उसे वह निर्णय लेना चाहिए। सार्वजनिक राय हमेशा अलग-अलग होगी। दर्शक भावनाओं में बहकर कई बातें कहते हैं, लेकिन उसी आधार पर निर्णय लेना उचित नहीं होगा। बड़े स्तर पर क्रिकेट बोर्ड तभी सफल हो सकता है जब यह अपने विवेक से निर्णय ले।”

निर्णय का प्रभाव अगले दस साल तक रहेगा

पूर्व कप्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत दौरे से जुड़ा हर फैसला केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “आज का निर्णय अगले दस साल तक बांग्लादेश क्रिकेट पर असर डालेगा। इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है। अंतिम निर्णय लेने और आंतरिक चर्चा पूरी करने के बाद ही इसे सार्वजनिक रूप से साझा किया जाना चाहिए। बार-बार फैसलों को सार्वजनिक करने से अस्थिरता बढ़ती है और बोर्ड की साख प्रभावित होती है। मैं उम्मीद करता हूं कि अंतिम फैसला हमेशा बांग्लादेश क्रिकेट के हितों और खिलाड़ियों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए लिया जाएगा।”

भविष्य को ध्यान में रखते हुए कदम

तमीम ने यह भी सुझाव दिया कि बोर्ड को अपने फैसलों में लंबी अवधि के परिणामों को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर फैसला जल्दी में लिया गया और बाद में बदल गया, तो जनता और खिलाड़ियों को समझाना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए वर्तमान में भावनाओं में बहने के बजाय ठोस तथ्यों, सुरक्षा चिंताओं और क्रिकेट के दीर्घकालिक हितों के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए।”

उन्होंने अंत में यह जोड़ते हुए कहा कि खेल में लगातार संवाद और सभी पक्षों की भागीदारी से ही समस्याओं का समाधान संभव है। “अगर हम सभी मिलकर काम करेंगे, तो विवादों और असहमति को हल किया जा सकता है। हमें देखना होगा कि बांग्लादेश क्रिकेट विश्व स्तर पर कहाँ खड़ा है और भविष्य में इसे कौन से रास्ते पर ले जाना है।”

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *