ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने घोषणा की है कि चल रहे एशेज सीरीज का सिडनी टेस्ट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच होगा। ख्वाजा ने अब तक 87 टेस्ट मैच खेले हैं और 6,206 रन बनाए हैं, जिनमें उनका औसत 43.39 का है। उनके नाम 16 शतक और 28 अर्धशतक हैं, जबकि व्यक्तिगत उच्चतम स्कोर 232 रन है।
39 वर्षीय ख्वाजा ने शुक्रवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में कहा, “मैं कुछ समय से इस बारे में सोच रहा था। इस सीरीज में आते हुए मुझे लगा कि शायद यही मेरी आखिरी सीरीज होगी।”
ख्वाजा ने बताया कि उन्होंने अपने करियर को आगे जारी रखने और 2027 में भारत दौरे में खेलने की संभावना पर ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड से भी चर्चा की थी। उन्होंने कहा, “मैंने इस पर राचेल (पत्नी) से भी काफी बातें की। मुझे पता था कि यह एक बड़ी मौका है। मैंने दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया था क्योंकि मुझे पता था कि आगे भी खेलने का मौका हो सकता है। एंड्रयू मैकडोनाल्ड भी अंत तक सोच रहे थे कि मैं कैसे भारत दौरे तक खेल सकता हूं।”
ख्वाजा ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने संन्यास का फैसला खुद के अनुसार लेने की इच्छा जताई। “मुझे खुशी है कि मैं अपनी शर्तों पर विदाई ले सकता हूं, थोड़ी गरिमा के साथ, और SCG में खेलकर जा रहा हूं जिसे मैं बहुत पसंद करता हूं। लेकिन सीरीज की शुरुआत मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। एडिलेड जाने के बाद पहले मैच के लिए चयन न होना शायद मेरे लिए यह संकेत था कि ‘ठीक है, अब आगे बढ़ने का समय है।’”
उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी हैं। उन्होंने आलोचकों को भी जवाब दिया, जिन्होंने यह आरोप लगाया कि उन्होंने समय से पहले संन्यास नहीं लिया और केवल अपने लिए खेलते रहे। ख्वाजा ने कहा, “मैंने मैकडोनाल्ड से कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि मैं अभी संन्यास ले लूं, तो मैं तुरंत ले लूंगा। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं अपने लिए नहीं टिका हूं।’ यह सबसे परेशान करने वाली बात थी कि लोग मुझे आत्मकेंद्रित बता रहे थे, जबकि ऐसा नहीं था। एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा कि हमें श्रीलंका और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए तुम्हारी जरूरत है। इसलिए मैं जारी रहा।”
ख्वाजा ने यह भी साझा किया कि चयन और टीम के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमेशा प्राथमिक रही। उन्होंने अपने करियर में उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हमेशा टीम और देश के लिए खेलना उनका उद्देश्य रहा।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने ख्वाजा के योगदान की सराहना की और उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि ख्वाजा ने न केवल मैदान पर बल्कि टीम और युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक मिसाल कायम की है।
ख्वाजा ने अपने करियर में कई यादगार पारियां खेली हैं। उनका तकनीकी और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी शैली उन्हें विशेष बनाती है। उन्होंने अपने समय में कई महत्वपूर्ण मैचों में ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई और विदेशी जमीन पर भी शानदार प्रदर्शन किया।
उनकी विदाई न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए बल्कि टीम के साथी खिलाड़ियों और युवा क्रिकेटरों के लिए भी एक प्रेरणा है। ख्वाजा ने साबित किया कि खेल में सम्मान, मेहनत और टीम के लिए समर्पण हमेशा मायने रखता है।
सिडनी टेस्ट में उनकी अंतिम उपस्थिति खेल जगत में भावुक क्षणों को जन्म देगी। प्रशंसक और साथी खिलाड़ी उन्हें याद करेंगे, उनके योगदान को हमेशा सराहेंगे।
इस फैसले के साथ ही उस्मान ख्वाजा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का करियर समाप्त हो जाएगा, लेकिन उनकी उपलब्धियां और उदाहरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उनका करियर टीम ऑस्ट्रेलिया और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यादगार रहेगा।