उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों जिलों के तूफानी दौरे पर हैं, जहां वे रोजाना दो-दो जिलों में समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं और जनता के साथ सीधा संवाद भी स्थापित कर रहे हैं। इसी सिलसिले में बुधवार, 7 अगस्त को मुख्यमंत्री पीतलनगरी मुरादाबाद पहुंचे थे। वे सर्किट हाउस, मझोला में रात्रि विश्राम पर रुके हुए थे।
सुरक्षा में सेंध की कोशिश
मुख्यमंत्री के मुरादाबाद प्रवास के दौरान एक बड़ी चूक होते-होते रह गई। एक व्यक्ति ने फर्जी पहचान पत्र और पास के माध्यम से मुख्यमंत्री की सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। यह व्यक्ति सर्किट हाउस परिसर में घुसने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता और चेकिंग के चलते वह अंदर घुस नहीं सका।
जैसे ही सुरक्षाकर्मियों को उसकी पहचान पर संदेह हुआ, उन्होंने तुरंत उसे रोककर पूछताछ शुरू की। संदिग्ध के पास मौजूद दस्तावेजों की जांच की गई और उसकी पहचान की पुष्टि करने के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू हुई।
आईबी और एलआईयू अलर्ट पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को सूचना दी गई। दोनों एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध से पूछताछ की और उसे हिरासत में ले लिया गया।
अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह व्यक्ति कौन था, इसका मकसद क्या था, और इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
रात्रि विश्राम पर थे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मुरादाबाद दौरे के तहत सर्किट हाउस में ठहरे थे। वहां उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की और मुरादाबाद में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद भी किया।
इस दौरान उनके कार्यक्रम को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। पुलिस, पीएसी और एसपीजी तैनात थी। इसके बावजूद एक संदिग्ध का सुरक्षा घेरे में घुसने की कोशिश करना बेहद गंभीर माना जा रहा है।
स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। अगर सुरक्षाकर्मी सतर्क न होते तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के साथ मुख्यमंत्री की सुरक्षा घेरे तक पहुंच सकता है, तो आम जन की सुरक्षा कितनी सुरक्षित है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध के पास मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वह व्यक्ति कहां से आया, उसका उद्देश्य क्या था, और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है — इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल है। विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में इस तरह की सेंध लगाई जा सकती है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है?
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि “यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की असलियत को उजागर करती है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक बेहद गंभीर मामला है। इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए।”
वहीं, बीजेपी के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति प्रेरित बताया और कहा कि “सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को पकड़ लिया, जिससे बड़ी साजिश नाकाम हो गई।”
सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे सुरक्षा तंत्र की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों में मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कड़े करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के निजी सचिवालय ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता के बीच रहने वाले नेता हैं। वे लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और जनता से संवाद कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह की किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”