असम विधानसभा चुनाव 2026: अप्रैल के पहले हफ्ते में मतदान संभव, मार्च में हो सकता है तारीखों का ऐलान

Vin News Network
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अप्रैल में संभावित मतदान से पहले चुनाव आयोग ने दलों के साथ की अहम बैठक

असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और राज्य में चुनावी सरगर्मी बढ़ने लगी है। जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग मार्च के पहले सप्ताह यानी 4 से 8 मार्च के बीच चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है, जबकि मतदान 3 से 7 अप्रैल के बीच कराए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार चुनाव एक ही चरण में कराने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि अधिकतम दो चरणों का विकल्प भी खुला रखा गया है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर औपचारिक नियंत्रण शुरू हो जाएगा।

चुनाव तैयारियों की समीक्षा के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को गुवाहाटी में राजनीतिक दलों के साथ विस्तृत बैठक की। इस बैठक में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के अलावा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए शुरुआती सुझाव लेना और व्यवस्थाओं का आकलन करना था।

बैठक में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय दलों में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और सीपीआई (एम) शामिल थीं, जबकि क्षेत्रीय दलों में एआईयूडीएफ, असम गण परिषद, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल मौजूद रहे। अधिकांश दलों ने प्रशासनिक सुविधा और मतदाता भागीदारी को ध्यान में रखते हुए चुनाव एक ही चरण में कराने की मांग की, जबकि कुछ ने अधिकतम दो चरणों का सुझाव दिया।

राज्य के सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि तिथियों का निर्धारण बिहू पर्व को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि त्योहार और मतदान प्रक्रिया दोनों प्रभावित न हों। दलों ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया और मजबूत होगी।

बैठक के दौरान मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। आयोग ने सभी सुझावों को दर्ज करते हुए भरोसा दिलाया कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएंगे। अब राज्य में सभी की नजरें चुनाव तिथियों की औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिसके साथ ही असम में चुनावी माहौल पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।

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