श्रीनगर एयरपोर्ट पर सैन्य अधिकारी का हंगामा – स्पाइसजेट स्टाफ से मारपीट का आरोप

सैन्य अनुशासन पर सवाल, जब अधिकारी ने तोड़ा एयरपोर्ट का नियम

Vin News Network
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16 किलो बैग के लिए बवाल – श्रीनगर एयरपोर्ट पर तकरार!
Highlights
  • श्रीनगर एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट स्टाफ से झगड़ा
  • ओवरवेट बैग के लिए अतिरिक्त भुगतान मांगने पर भड़के
  • CISF और एयरलाइन ने दर्ज की शिकायत, मामले की जांच जारी

श्रीनगर एयरपोर्ट पर बुधवार को एक अप्रत्याशित घटना ने यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ को हैरान कर दिया। एक सैन्य अधिकारी पर आरोप है कि उसने स्पाइसजेट के ग्राउंड स्टाफ के साथ मारपीट की जब उसे ओवरवेट बैग के कारण फ्लाइट में चढ़ने से रोका गया। यह मामला सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया और अब इस पर एयरपोर्ट अथॉरिटी, CISF और एयरलाइन ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है।

घटना का पूरा विवरण
मामला बुधवार सुबह करीब 9 बजे का है जब श्रीनगर एयरपोर्ट से स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-963 दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी। उसी दौरान एक सैन्य अधिकारी, जो वर्दी में था, बोर्डिंग गेट पर पहुंचा और चेक-इन स्टाफ को अपने दो बड़े बैग सौंपे। एयरलाइन के अनुसार, दोनों बैगों का वजन लगभग 16 किलो था, जबकि फ्लाइट में केवल 7 किलो हैंड बैगेज की अनुमति होती है। जब अधिकारी को बताया गया कि उन्हें अतिरिक्त वजन के लिए चार्ज देना होगा, तो वह नाराज़ हो गए और कथित रूप से उच्च स्वर में बात करने लगे। कुछ ही मिनटों में स्थिति बिगड़ गई और बात इतनी बढ़ गई कि अधिकारी ने स्टाफ से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू कर दी।

सैन्य अधिकारी का पक्ष
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारी ने दावा किया कि वह एक महत्वपूर्ण ड्यूटी पर जा रहे थे और उनका सामान मिशन से संबंधित था। उन्होंने यह भी कहा कि सिविल उड़ानों में सैन्य कर्मियों को कुछ छूट मिलनी चाहिए। हालांकि, एयरलाइन स्टाफ का कहना है कि स्पाइसजेट की नीति में सभी यात्रियों के लिए सामान वजन सीमा समान है, और यह नियम DGCA द्वारा निर्धारित हैं।

वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर बवाल
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें सैन्य अधिकारी को स्टाफ के साथ बहस करते हुए देखा जा सकता है। कुछ चश्मदीद यात्रियों ने बताया कि अधिकारी ने कर्मचारियों को धक्का दिया और अपशब्द कहे। सोशल मीडिया पर इसे लेकर दो खेमे बन गए — कुछ लोग अधिकारी का पक्ष ले रहे हैं कि “वे देश की सेवा करते हैं और थोड़ा लचीलापन मिलना चाहिए,” जबकि दूसरे लोगों ने कहा कि “कानून सबके लिए बराबर है।”

एयरलाइन और CISF की प्रतिक्रिया
स्पाइसजेट ने तुरंत इस घटना की सूचना CISF (Central Industrial Security Force) को दी, जो एयरपोर्ट सुरक्षा संभालती है। एयरलाइन ने एक लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है और कहा है कि कर्मचारी को मानसिक और शारीरिक आघात पहुंचा है। CISF अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लाया। अब अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक जांच की जा रही है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अधिकारी दोषी पाए जाते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहते हैं नियम?
भारत में घरेलू उड़ानों में यात्रियों को केवल 7 किलो तक हैंड बैगेज ले जाने की अनुमति होती है। अतिरिक्त वजन पर शुल्क देना अनिवार्य है। भले ही यात्री सैन्य पृष्ठभूमि से हो, अगर वह सिविल फ्लाइट में यात्रा कर रहा है, तो उसे इन्हीं नियमों का पालन करना होगा। एयरलाइन के पास किसी भी तरह की छूट की स्पष्ट नीति होती है, और बिना पूर्व जानकारी के छूट संभव नहीं है।

प्रशासन और रक्षा मंत्रालय का रुख
सूत्रों के अनुसार, यह मामला रक्षा मंत्रालय तक पहुंच चुका है, और आंतरिक स्तर पर भी अधिकारी के व्यवहार की जांच शुरू की गई है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सेना का अनुशासन सर्वोपरि है, और किसी भी सैनिक या अधिकारी के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर लोग इस मुद्दे को लेकर बंटे हुए हैं। कुछ ट्वीट्स:

  • फौजी हैं तो क्या कानून नहीं मानेंगे?
  • हर किसी को नियमों का पालन करना चाहिए, चाहे वो अधिकारी हो या आम आदमी।
  • देश की सेवा करने वाले के साथ थोड़ा सम्मान और सहानुभूति जरूरी है।
  • अगर सेना के लोग ही मारपीट करने लगें तो बाकी लोग क्या करेंगे?
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