नामपेन्ह : अंगकोर थॉम, कंबोडिया की प्राचीन राजधानी, खमेर साम्राज्य की सांस्कृतिक, धार्मिक और स्थापत्य विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह राजा जयवर्मन सप्तम द्वारा 12वीं शताब्दी में बसाया गया था।
यहां विशाल दीवारें, रहस्यमयी मुस्कराते चेहरे, बायोन मंदिर इसकी अनूठी भव्यता को दर्शाती हैं। समुद्र मंथन की कथा, इंद्र और ऐरावत की मूर्तियां इसके धार्मिक पक्ष को उजागर करती हैं।
चारों दिशाओं में बने विशाल द्वार और मोनोलिथिक चेहरों की शांति आत्मिक अनुभव कराती है। यह इतिहास, कला और अध्यात्म का अद्वितीय संगम है।
खमेर साम्राज्य की स्थापत्य और सांस्कृतिक धरोहर ‘अंगकोर थॉम’
चारों दिशाओं में बने विशाल द्वार और मोनोलिथिक चेहरों की शांति आत्मिक अनुभव कराती है। यह इतिहास, कला और अध्यात्म का अद्वितीय संगम है।
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