केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 14-15 वर्षों में राज्य में भ्रष्टाचार, भय और घुसपैठ की स्थिति व्याप्त रही। उन्होंने दावा किया कि यह समय बंगाल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
शाह ने कहा, “TMC के शासनकाल में राज्य में भय और भ्रष्टाचार की संस्कृति फैल चुकी है। घुसपैठ ने लोगों में असुरक्षा और चिंता की भावना पैदा कर दी है। विकास की प्रक्रिया ठप हो गई है और मोदी जी द्वारा शुरू की गई लाभकारी योजनाएं भी स्थानीय टोल सिंडिकेट का शिकार बनी हैं। यह भय और भ्रष्टाचार अब बंगाल की पहचान बन गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि 15 अप्रैल 2026 के बाद जब BJP की सरकार पश्चिम बंगाल में बनेगी, तब राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को पुनर्जीवित करने की पहल की जाएगी। शाह ने याद दिलाया कि BJP की स्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल से की थी और यह भूमि पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
घुसपैठ और सुरक्षा पर निशाना
अमित शाह ने बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार ही वह है जो सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़मीन नहीं देती। त्रिपुरा, असम, राजस्थान, पंजाब, कश्मीर और गुजरात की सीमाओं पर घुसपैठ रोकी जा रही है, लेकिन बंगाल में यह जारी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां घुसपैठ के जरिए वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश हो रही है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाला चुनाव घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को हटाने पर आधारित होगा। शाह ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला बताते हुए कहा कि बंगाल की सीमा से होने वाली घुसपैठ पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।
भाजपा की चुनावी तैयारियां और पिछले प्रदर्शन
अमित शाह ने भाजपा की आगामी चुनाव में जीत पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा, “2026 में भाजपा पश्चिम बंगाल में दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार बनाएगी। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को केवल 17 प्रतिशत वोट और 2 सीटें मिली थीं। 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 10 प्रतिशत वोट और 3 सीटें मिलीं। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 41 प्रतिशत वोट और 18 सीटें जीतीं, वहीं 2021 के विधानसभा चुनाव में 21 प्रतिशत वोट और 77 सीटें प्राप्त कीं। 2016 में केवल 3 सीटें जीतने वाली पार्टी ने पांच साल में 77 सीटें हासिल कीं। वहीं कांग्रेस शून्य पर आ गई और कम्युनिस्ट गठबंधन भी एक सीट नहीं जीत सका। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 39 प्रतिशत वोट और 12 सीटें जीतीं। 2026 में पार्टी राज्य में बहुमत वाली सरकार बनाएगी।”
शाह ने यह भी कहा कि ममता सरकार के भ्रष्टाचार और विकास अवरुद्ध करने वाले रवैये के कारण राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य में विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में काम करेगी।
विकास और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान
अमित शाह ने यह भी बताया कि BJP की सरकार बनने के बाद राज्य में पुरानी विरासत और संस्कृति को संरक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “Bengal की संस्कृति और इतिहास की पुनर्रचना हमारी प्राथमिकता होगी। यह भूमि BJP के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़ी हुई है और हमारे लिए विशेष महत्व रखती है।”
शाह ने जनता से अपील की कि वह भ्रष्टाचार और भय के विरुद्ध जागरूक रहें और आगामी चुनाव में अपने मताधिकार का उपयोग करके बंगाल को विकास और सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ाएँ।
भाजपा का संदेश और रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री ने भाजपा की रणनीति स्पष्ट की कि घुसपैठ रोकना, भ्रष्टाचार समाप्त करना और विकास सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में ऐसी सरकार बनाएगी जो जनता के हित में निर्णय ले और राजनीतिक हिंसा, भय और असुरक्षा को समाप्त करे।
शाह ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी सभी सामाजिक और सांस्कृतिक समूहों के सहयोग से राज्य को एकजुट और सुरक्षित बनाएगी। उनका कहना था कि आने वाले विधानसभा चुनाव बंगाल की जनता के लिए भविष्य तय करने वाला चुनाव होगा।
इस प्रकार अमित शाह ने अपने बयान में ममता बनर्जी के 14 साल के शासन पर हमला करते हुए भ्रष्टाचार, भय और घुसपैठ को चुनावी मुद्दा बनाते हुए भाजपा की आगामी जीत की तैयारी और रणनीति का संदेश स्पष्ट किया।