मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण हवाई यातायात पर पड़ने वाले असर को देखते हुए भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए ने एयर इंडिया को एक अस्थायी राहत दी है। दरअसल ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र 28 फरवरी से बंद हैं, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बेहद लंबे वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। इससे उड़ानों की अवधि काफी बढ़ गई है और पायलटों के लिए तय समयसीमा में उड़ान पूरी करना मुश्किल हो गया था।
दो हफ्ते पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे जिसके बाद पश्चिम एशिया के एक बड़े हवाई क्षेत्र को व्यावसायिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया। इस संकट की वजह से विमानों को घुमावदार रास्तों से जाना पड़ रहा है जिससे यात्रा का समय काफी बढ़ गया है।
FDTL क्या होता है और क्यों है जरूरी
विमानन क्षेत्र में फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL एक अनिवार्य सुरक्षा नियम है। यह तय करता है कि एक पायलट एक बार में कितने घंटे विमान उड़ा सकता है और उसे कितना आराम मिलना चाहिए। सामान्य परिस्थितियों में एक पायलट का उड़ान समय अधिकतम 10 घंटे और कुल ड्यूटी अवधि 12 घंटे तक सीमित होती है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि थकान के कारण कोई हादसा न हो और हवाई यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
डीजीसीए ने क्या दी छूट
एयर इंडिया ने बढ़े हुए रूट्स की समस्या को देखते हुए डीजीसीए से विशेष अनुमति मांगी थी। नियामक ने इस अनुरोध को मंजूरी देते हुए कुछ क्रू सदस्यों के लिए उड़ान समय को 10 घंटे से बढ़ाकर 11 घंटे 30 मिनट कर दिया है। इसके साथ ही उड़ान ड्यूटी अवधि में भी 1 घंटे 45 मिनट की बढ़ोतरी की गई है जो अब 11 घंटे 45 मिनट हो गई है। कुल ड्यूटी पीरियड को 13 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे 45 मिनट कर दिया गया है।
सुरक्षा का भी रखा गया ध्यान
डीजीसीए ने यह छूट देते हुए एक अहम शर्त भी लगाई है। जिन पायलटों को इस विस्तारित ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा उन्हें 4 घंटे का अतिरिक्त आराम अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि लंबी उड़ान के बाद पायलट पर्याप्त रूप से ठीक हो सकें और अगली ड्यूटी के समय पूरी तरह सतर्क और तैयार रहें। यह अस्थायी राहत तब तक जारी रहेगी जब तक मध्य पूर्व में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और बंद हवाई क्षेत्र फिर से नहीं खुल जाते।