ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायल :36 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन
पैराशूट से उतरने के बाद घायल हुआ था अफसर
अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने 3 अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान ने शुक्रवार को F-15 विमान गिरा दिया था. एक पायलट और एक एयरमैन यानी वेपन सिस्टम ऑफिसर (जो हथियारों को ऑपरेट करता है).
पायलट को कुछ घंटों के भीतर ही बचा लिया गया था। लेकिन एयरमैन पैराशूट से उतरने के बाद घायल हो गया चोट लगने के बावजूद वह चलने की हालत में था। इसके बाद वह ईरान के पहाड़ी इलाके में छिप गया और वहां एक दिन से ज्यादा समय तक पकड़ से बचता रहा.
उसने अपनी SERE ट्रेनिंग (जिंदा रहना, बचना, विरोध करना और निकलना) का इस्तेमाल करते हुए कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के कठिन पहाड़ी इलाके में खुद को छिपाए रखा.
पैराशूट से उतरने के बाद घायल हुआ था अफसर
अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने 3 अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान ने शुक्रवार को F-15 विमान गिरा दिया था. उसमें दो लोग थे. एक पायलट और एक एयरमैन यानी वेपन सिस्टम ऑफिसर (जो हथियारों को ऑपरेट करता है).
पायलट को कुछ घंटों के भीतर ही बचा लिया गया था. लेकिन एयरमैन पैराशूट से उतरने के बाद घायल हो गया. चोट लगने के बावजूद वह चलने की हालत में था. इसके बाद वह ईरान के पहाड़ी इलाके में छिप गया और वहां एक दिन से ज्यादा समय तक पकड़ से बचता रहा.
उसने अपनी SERE ट्रेनिंग (जिंदा रहना, बचना, विरोध करना और निकलना) का इस्तेमाल करते हुए कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के कठिन पहाड़ी इलाके में खुद को छिपाए रखा.
CIA ने अफवाह फैलाकर ईरान को भटकाया
अमेरिका और ईरान एयरमैन को ढूंढ रहे थे ईरान की IRGC (रेवोल्यूशनरी गार्ड) भी उसे पकड़ने के लिए वहां पहुंच गई थी.
एयरमैन को ढूंढना बहुत मुश्किल था। इसके लिए CIA ने एक चाल चली उन्होंने ईरान के अंदर गलत जानकारी फैलाई कि अमेरिकी सेना उसे पहले ही ढूंढ चुकी है और उसे निकालने की तैयारी कर रही है इससे ईरान की खोज की दिशा भटक गई.
इसी दौरान CIA ने अपनी खास तकनीक का इस्तेमाल करके एयरमैन की सही लोकेशन पता कर ली. यह लोकेशन पेंटागन, अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस को दी गई. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन का आदेश दिया.
पहली बार दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट
रेस्क्यू मिशन की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को ईरान की सेना ने मार गिराया. यह इस एक महीने से चल रही जंग में पहला मौका था, जब किसी अमेरिकी फाइटर जेट को दुश्मन की फायरिंग से गिराया गया.
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरमैन को अपनी रेस्क्यू टीम तक पहुंचने के लिए बहुत जोखिम भरा कदम उठाना पड़ा। हालांकि, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि जब यह एयरमैन करीब 36 घंटे तक ईरान के पहाड़ी इलाके में छिपा रहा, तब अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन ने उन ईरानी लोगों पर फायरिंग की, जो उसे पकड़ने की कोशिश कर रहे थे. यह जानकारी ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों और सूत्रों के हवाले से दी गई है.
जर्नल के अनुसार, इस रेस्क्यू मिशन के दौरान दर्जनों अमेरिकी विमान कमांडो टीम को सुरक्षा दे रहे थे, जो तेजी से अंदर जाकर एयरमैन को निकालकर ले आई. हालांकि, जमीन पर अमेरिकी फोर्स को ज्यादा बड़ा विरोध नहीं झेलना पड़ा.
अमेरिका ने निकलने से पहले अपने दो विमान जलाए
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से एक बचाए गए अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने वाले दो ट्रांसपोर्ट विमान वहीं फंस गए थे. इसके बाद अमेरिका को तीन नए विमान भेजने पड़े, ताकि एयरमैन और सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अमेरिकी सेना ने उन फंसे हुए ट्रांसपोर्ट विमानों को उड़ा दिया, ताकि वे ईरान के हाथ न लगें. ईरान के अंदर से आई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि ये विमान एक अस्थायी एयरस्ट्रिप पर फंस गए थे, जिसे अमेरिकी सेना ने देश के एक दूरदराज इलाके में बनाया था.
ख़बरों के मुताबिक, इस पूरे रेस्क्यू मिशन में सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस सैनिक शामिल थे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बचाए गए वेपन्स ऑफिसर को रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए कुवैत ले जाया गया.
ट्रम्प बोले- पहली बार एक साथ दो सफल रेस्क्यू ऑपरेशन हुए
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि इस सैनिक को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने दर्जनों विमान भेजे, जिनमें दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार लगे थे. उन्होंने बताया कि सैनिक घायल जरूर हुआ है, लेकिन वह ठीक हो जाएगा.
ट्रम्प ने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन एक और पायलट के सफल रेस्क्यू के बाद हुआ, जिसे एक दिन पहले बचाया गया था। उस समय इसकी जानकारी इसलिए नहीं दी गई थी, ताकि दूसरे ऑपरेशन पर खतरा न आए.
ट्रम्प के मुताबिक, सैन्य इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि दुश्मन के इलाके के अंदर, दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग ऑपरेशन में सुरक्षित निकाला गया है.
उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि अमेरिका का ईरान के आसमान पर पूरा दबदबा है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि F-15 जेट को ईरान ने कैसे मार गिराया. ट्रम्प ने इस ऑपरेशन को पूरे अमेरिका के लिए गर्व का पल बताया और कहा कि देश को इस पर एकजुट होना चाहिए.