उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शिक्षा विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सुरसा सीमा गौतम और निलंबित शिक्षक मुनेंद्र कुमार की कथित बातचीत का एक ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया है। इस ऑडियो में शिक्षक, बीईओ से अपने पैसे वापस करने की मांग कर रहा है और कह रहा है – “साहब अब तो आप जांच कर नहीं रहीं हैं, मेरे रुपये वापस कर दो”। हालांकि इस वायरल ऑडियो की दैनिक जागरण या किसी स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन जिले भर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों तक मामला पहुंच चुका है और जांच के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षक और बीईओ के बीच विवाद
यह विवाद प्राथमिक विद्यालय ककराहा (विकासखंड हरियावां) के शिक्षक मुनेंद्र कुमार और सुरसा की बीईओ सीमा गौतम के बीच है। शिक्षक मुनेंद्र को 6 जनवरी 2021 को निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ जांच चल रही थी। 17 मई 2023 को यह जांच सुरसा बीईओ सीमा गौतम को सौंपी गई थी। लेकिन उन्होंने लगभग दो साल तक रिपोर्ट जमा नहीं की।
इसके बाद 24 अप्रैल 2025 को उनसे यह जांच वापस लेकर बीईओ मुख्यालय और बिलग्राम को सौंप दी गई। इसी बीच यह कथित ऑडियो सामने आया है, जिसमें शिक्षक बीईओ से कह रहा है कि चूंकि अब उनसे जांच वापस ले ली गई है, इसलिए वे उसके रुपये लौटा दें।
बीईओ का पक्ष
सीमा गौतम ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि: “मैंने कोई रुपये नहीं लिए हैं। मेरे पति काफी समय से बीमार चल रहे थे, जिसके कारण मैं जांच पूरी नहीं कर पाई। जब संभव नहीं हुआ तो मैंने फाइल लौटा दी।” उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक मुनेंद्र अक्सर नशे की हालत में रहते हैं और उसी अवस्था में फोन करके अनाप-शनाप बातें करते हैं।
ऑडियो से मचा बवाल
वायरल ऑडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। कई शिक्षक और कर्मचारी आपस में चर्चा कर रहे हैं कि अगर आरोप सही निकले तो यह शिक्षा विभाग की छवि पर बड़ा सवाल होगा। वहीं, बीईओ के समर्थकों का कहना है कि यह ऑडियो झूठा और षड्यंत्र के तहत फैलाया गया है।
बीएसए ने लिया संज्ञान
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) विजय प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा: “वायरल ऑडियो को संज्ञान में लिया गया है। पूरी जानकारी जिलाधिकारी को दी गई है। उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए अनुशंसा की गई है।” इससे साफ है कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
भ्रष्टाचार की चर्चाओं से गरमाया विभाग
इस ऑडियो के सामने आने के बाद विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। कई शिक्षक संगठन और कर्मचारी मानते हैं कि अगर यह आरोप सच है, तो यह शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा हो सकता है।
जनता और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
इस खबर के फैलने के बाद अभिभावकों और आम जनता में भी रोष देखा जा रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिन पर बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी है, वे खुद विवादों और भ्रष्टाचार में फंसे हुए हैं।
आगे की जांच होगी अहम
अब सबकी निगाहें जिले के प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी हुई हैं। अगर जांच में बीईओ पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन या विभागीय कार्यवाही हो सकती है। वहीं, अगर आरोप झूठे साबित होते हैं, तो शिक्षक मुनेंद्र पर कार्रवाई हो सकती है हरदोई का यह मामला शिक्षा विभाग की कार्यशैली और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अभी जांच जारी है और फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना तय है कि इस ऑडियो ने विभागीय गलियारों में हलचल मचा दी है।