नई दिल्ली : केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पूसा, नई दिल्ली से राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन – खरीफ अभियान 2025 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, कृषि को आधुनिक विज्ञान और परंपरागत ज्ञान के साथ जोड़कर हम उस भविष्य की नींव रख रहे हैं, जहाँ किसान आत्मनिर्भर हों, गाँव समृद्ध हों और भारत शक्तिशाली बने। किसानों का कल्याण हमारी Duty है। अभी-अभी हमने धान की 2 नई किस्में जारी की हैं, जिसमें 20% से 30% उत्पादन बढ़ेगा, फसल 20 दिन पहले पक कर तैयार हो जाएगी। इससे पानी बचेगा, समय कम लगेगा, उत्पादन बढ़ेगा तथा दूसरी फसल के लिए भी किसान को और समय मिल जाएगा। National Conference on Agriculture – Kharif Campaign 2025 कोई कर्मकांड नहीं है। हमारे किसानों के कंधों पर देश की जनता का पेट भरने की जिम्मेदारी है। हम पूरी ताकत से किसानों के साथ मिलकर कार्य करेंगे और हिंदुस्तान को उत्पादकता में नंबर 1 बनाएंगे। किसानों को उन्नत किस्मों के बीज और खाद समय से पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो, साथ ही उन्हें तकनीक, नवाचार और सरकार की योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा, जिसमें वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी और विशेषज्ञ किसानों के बीच पहुंचेंगे।
मंत्री ने कहा, 29 मई से 12 जून के बीच कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी किसानों के बीच रहेंगे। चौहान ने कहा कि टीमें जलवायु-अनुकूल बीज किस्मों, उर्वरकों की उपलब्धता, मानसून पूर्वानुमान और मौजूदा सरकारी कार्यक्रमों के लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करेंगी। उन्होंने राज्य के कृषि मंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में इस अभियान का नेतृत्व करने का आग्रह किया। चौहान ने कहा कि वे इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखेंगे। किसानों को Educate करने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए साल में दो बार यात्राएं करवाई जाएंगी। वैज्ञानिक खेतों तक जाएंगे, किसान से संवाद होगा, बीज-खाद से लेकर डिजिटल मिशन की बात होगी।
हमारी कृषि और किसानों में अनंत संभावनाएं हैं। किसान समृद्ध हो, उत्पादन बढ़े और देश सशक्त बनें; इसके लिए पूरी जान लगा दो। सिंधु के पानी की एक-एक बूंद का बेहतर उपयोग हम अपने किसानों के लिए कर सकें, इसके लिए योजना बनाएंगे। शिवराज सिंह चौहान कहा, जिन आतंकियों ने हमारी बेटियों की मांग से सिंदूर पोंछा था, उन के अड्डों को तबाह कर दिया गया है। हमें OPERATION SINDOOR के लिए अपनी सेना पर गर्व है। यह संदेश है कि जो भी भारत की तरफ आंख उठाकर देखेगा, उसे छोड़ा नही जाएगा।
राज्यों में फसल की पैदावार में भी बहुत अंतर
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से साकार करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत में फसल उत्पादकता वैश्विक औसत से कम है और आधुनिक तकनीक और सर्वोत्तम कृषि पद्धतियों को अपनाकर उपज बढ़ाने की आवश्यकता है। विभिन्न राज्यों में फसल की पैदावार में भी बहुत अंतर है। पहला लक्ष्य इस अंतर को पाटना होना चाहिए और फिर वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य की रक्षा के बारे में भी बात की और कहा कि सरकार द्वारा जारी मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग उर्वरकों के सही उपयोग के लिए किया जाना चाहिए।