बलरामपुर में मतांतरण (कन्वर्ज़न) मामले ने नया मोड़ ले लिया है। प्रशासन ने इस केस के मुख्य आरोपी जलालुद्दीन और उसके करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ताजा कार्रवाई में जलालुद्दीन के भतीजे सबरोज के घर पर बुलडोज़र चलाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, राजस्व विभाग ने जलालुद्दीन और उसके सहयोगियों की संपत्तियों का विवरण तलब किया था, जिसमें अब तक 10 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं। ये संपत्तियां 2020 और 2021 के बीच खरीदी गई थीं। प्राथमिक जांच में इन संपत्तियों के कागजात और खरीद की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर इन संपत्तियों को अवैध तरीके से खरीदा गया है या इनकी फंडिंग संदिग्ध है, तो जल्द ही इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इस पूरे मामले पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं। अधिकारी मान रहे हैं कि यह नेटवर्क सिर्फ बलरामपुर तक सीमित नहीं है। कई जिलों में इससे जुड़े लिंक तलाशे जा रहे हैं।
अधिकारियों का बयान
“हमने अब तक 10 संपत्तियां चिह्नित की हैं। इनके दस्तावेज़ों की गहन जांच की जा रही है। अगर ये अवैध पाई जाती हैं तो प्रशासन इन्हें जब्त कर सकता है।” इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासनिक टीम गांवों और शहरों में लगातार सर्वे कर रही है।