नई दिल्ली। लोकसभा में आज राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। इस बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा की शुरुआत करेंगे, इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दूसरे वक्ता के रूप में अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सदस्य भी इस बहस में हिस्सा लेंगे।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का महत्व
यह चर्चा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित और जदुनाथ भट्टाचार्य द्वारा संगीतबद्ध वंदे मातरम् के 150 वर्षों के इतिहास और महत्व पर केंद्रित होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 1937 में इस गीत से प्रमुख छंद हटाकर विभाजन के बीज बोए गए। 7 नवंबर से देशभर में वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और छात्रों में इस गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को उजागर करना है।
अधिकारियों के अनुसार, लोकसभा में आज की चर्चा में वंदे मातरम् से जुड़े कई अनकहे पहलू और ऐतिहासिक तथ्य सामने आएंगे। वहीं, राज्यसभा में यह बहस मंगलवार को शुरू होगी, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा के नेता जे पी नड्डा दूसरे वक्ता के रूप में अपनी बात रखेंगे।
चुनाव सुधारों पर बहस भी सत्र का हिस्सा
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। इसमें मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) सहित सभी संबंधित पहलुओं पर विचार किया जाएगा। राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर बहस बुधवार और बृहस्पतिवार को आयोजित होगी। सत्र के पहले दो दिन, जो 1 दिसंबर से शुरू हुए थे, विपक्षी दलों के हंगामे के कारण बाधित रहे।
कांग्रेस ने इन दोनों मुद्दों पर अपने वक्ताओं की सूची अंतिम रूप दे दी है। लोकसभा में वंदे मातरम् की बहस में कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, बिमोल अकोईजाम, प्रणीति शिंदे, प्रशांत पडोले, किरण चमाला रेड्डी और ज्योत्सना महंत शामिल होंगे। चुनाव सुधारों पर चर्चा में के सी वेणुगोपाल, मनीष तिवारी, वर्षा गायकवाड़, मोहम्मद जावेद, उज्ज्वल रमन सिंह, ईसा खान, रवि मल्लू, इमरान मसूद, गोवाल पदवी और ज्योतिमणि जैसे वरिष्ठ सांसद बोलेंगे।
राज्यसभा में मंगलवार, बुधवार और बृहस्पतिवार को इन दोनों विषयों पर बहस आयोजित होगी, जिसमें विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी हिस्सा लेंगे। इस सत्र में संसद के दोनों सदनों में ऐतिहासिक गीत की महत्ता और चुनाव सुधारों पर विचार-विमर्श के जरिए महत्वपूर्ण निर्णयों की दिशा तय होने की उम्मीद है।