उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में ममता के बहाने छिपे एक गंभीर अपराध का खुलासा हुआ है। संतान की इच्छा पूरी न होने पर एक महिला ने न केवल दूसरी शादी कर ली, बल्कि अपनी ननद के एक महीने के नवजात को चुरा कर फरार हो गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी महिला को उसके पहले पति के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
पहली शादी टूटी, दूसरी की — लेकिन लालसा बरकरार
संडीला कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपी महिला मोहिनी की पहली शादी लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित भमरौली बिहार कॉलोनी के अमित कुमार से हुई थी। शादी के कई वर्षों बाद भी संतान न होने से दोनों के बीच तनाव बढ़ा और मोहिनी अलग होकर हरदोई के संडीला क्षेत्र में रहने लगी। यही से उसकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
संडीला में मोहिनी की मुलाकात बेगमगंज निवासी विजय से हुई। रिश्ता गहराया और करीब आठ महीने पहले दोनों ने आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया। हालांकि दूसरी शादी के बाद भी मोहिनी की गोद खाली ही रही और संतान की चाह लगातार बनी रही।
नवजात को देखते ही बदल गया इरादा
कुछ समय बाद विजय की बहन ने एक पुत्र को जन्म दिया। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन इसी खुशी ने मोहिनी के मन में गलत इरादे को जन्म दे दिया। एक माह के मासूम को देखते ही उसने बच्चे को चुराने की योजना बना ली।
3 दिसंबर की रात मोहिनी अवसर पाकर नवजात को उठाकर घर से निकल गई। यही नहीं, वह घर के जेवर और नकदी भी साथ ले गई। आश्चर्य की बात यह रही कि वह सीधे लखनऊ पहुंची और अपने पहले पति अमित कुमार के पास रहने लगी, मानो बच्चा उसी का हो।
तकनीकी जांच से खुला मामला, बच्चा सुरक्षित
बच्चे के गायब होने पर परिवार ने पुलिस में शिकायत की। संडीला पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी जांच की मदद से मोहिनी का लोकेशन ट्रेस किया। कुछ ही घंटों में पुलिस टीम लखनऊ पहुंची और नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया। मोहिनी और उसके पहले पति अमित दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या अमित इस पूरी साजिश में शामिल था या उसे भी धोखे में रखा गया था।