बिहार में निवेश का नया दौर: ‘उद्योग वार्ता’ से औद्योगिक हब बनने की पहल

Vin News Network
Vin News Network
2 Min Read
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 'उद्योग वार्ता' की दूसरी बैठक में 32 निवेशकों से मुलाकात की, जिन्होंने फिल्म सिटी, इलेक्ट्रिक बस और रोबोटिक्स सर्जरी सहित छह प्रमुख क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव रखे।

बिहार राज्य सरकार ने राज्य को देश के नए औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है, जिसे ‘उद्योग वार्ता’ नाम दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निवेशकों और उद्यमियों को सीधे सरकारी अधिकारियों से बातचीत करने का मौका देना है, ताकि वे आसानी से बिहार में अपने उद्योग स्थापित कर सकें।

इस पहल की दूसरी बैठक आज पटना एयरपोर्ट के पास स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में आयोजित हुई। इस बैठक में कुल 32 निवेशकों ने भाग लिया और उन्होंने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से सीधी बात की। इन निवेशकों ने राज्य में निवेश करने में अपनी गहरी रुचि दिखाई। इनमें से अधिकांश निवेशक बिहारी मूल के उद्यमी थे, जिनका मुख्य लक्ष्य राज्य में नौकरियां पैदा करना और युवाओं का पलायन रोकना है।

बैठक में छह मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निवेश के प्रस्ताव रखे गए। इनमें दूध उत्पादन, बिहार फिल्म सिटी की स्थापना, बिजली उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग, फर्नीचर और हॉस्पिटल जैसे सेवा क्षेत्र, लेदर निर्माण और गन्ना उद्योग का विस्तार शामिल थे। कुछ बड़े प्रस्ताव भी आए, जैसे एशोक लेलैंड के उपाध्यक्ष ने इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया, वहीं एक हॉस्पिटल निदेशक ने रोबोटिक्स सर्जरी में निवेश की इच्छा जताई।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निवेशकों को पूरा भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार औद्योगिक निवेश को सबसे ऊपर रखेगी। उन्होंने कहा कि ज़रूरत पड़ने पर औद्योगिक नीतियों में बदलाव भी किया जाएगा, ताकि निवेश प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा सके। अब ‘उद्योग वार्ता’ को एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जा रहा है। इस पहल की अगली बैठक 19 दिसंबर को आयोजित की जाएगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *