बेंगलुरु में महिला टेक प्रोफेशनल की हत्या, यौन शोषण का विरोध करने पर फ्लैट में आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश

Vin News Network
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पूर्वी बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या के बाद फ्लैट में लगाई गई आग की जांच करती पुलिस

बेंगलुरु के एक पॉश रिहायशी इलाके में हुई आग की एक घटना ने अब सनसनीखेज हत्या के मामले का रूप ले लिया है। पूर्वी बेंगलुरु के सुब्रमण्य लेआउट में 3 जनवरी की रात एक अपार्टमेंट में आग लगने की सूचना के बाद जो मामला सामने आया था, वह शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से हुई दुर्घटना माना जा रहा था। लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें सबूत मिटाने के लिए जानबूझकर फ्लैट में आग लगाई गई थी।

इस मामले में मृतका की पहचान 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला कुशलप्पा के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले की रहने वाली थीं और बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित टेक कंपनी में कार्यरत थीं। पुलिस के अनुसार, शर्मिला अपने फ्लैट में अकेली रहती थीं और एक सामान्य कार्यदिवस के बाद उस रात घर पर ही थीं।

3 जनवरी की देर रात जब फ्लैट से धुआं निकलता देखा गया, तो पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। आग पर काबू पाने के बाद फ्लैट के अंदर शर्मिला का शव मिला। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट बताई गई, लेकिन पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच ने इस कहानी को पूरी तरह बदल दिया।

फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया कि शर्मिला की मौत आग से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुई थी। जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि पहले उनकी हत्या की गई और उसके बाद फ्लैट में आग लगाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई। इसके बाद पुलिस ने इस मामले को हत्या का केस दर्ज कर जांच तेज कर दी।

जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मृतका के आसपास रहने वाले लोगों से मिले। इसी कड़ी में पुलिस ने पास में रहने वाले एक 18 वर्षीय युवक को हिरासत में लिया, जिसने बाद में अपराध कबूल कर लिया। आरोपी की पहचान कुराई के रूप में हुई है, जो विराजपेट का रहने वाला है और एक प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (PUC) का छात्र है। वह अपनी सिंगल मदर के साथ मृतका के फ्लैट के बगल में रहता था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी ने शाम करीब 9 बजे शर्मिला के फ्लैट में घुसपैठ की। बताया गया कि उसने स्लाइडिंग खिड़की के जरिए फ्लैट में प्रवेश किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अंदर घुसते ही शर्मिला से जबरन शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। जब शर्मिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी हिंसक हो गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शर्मिला को जमीन पर गिरा दिया और उनका मुंह और नाक दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गईं। इस दौरान उन्हें हल्की चोट भी आई और खून बहने लगा। कुछ ही देर में दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरी घटना अचानक गुस्से और अपराध की मानसिकता में अंजाम दी गई।

हत्या के बाद आरोपी ने अपराध को छिपाने के लिए एक और खौफनाक कदम उठाया। उसने कमरे में रखे शर्मिला के कपड़े और अन्य सामान इकट्ठा किए, उन्हें बिस्तर पर रखा और आग लगा दी। पुलिस का मानना है कि आग लगाने का मकसद हत्या के सबूतों को नष्ट करना और घटना को एक दुर्घटना का रूप देना था।

इतना ही नहीं, आरोपी फ्लैट से भागते समय मृतका का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया, ताकि कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल सबूतों को मिटाया जा सके। हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता चल गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आग लगाने के बाद आरोपी अपने फ्लैट में लौट गया और सामान्य व्यवहार करने की कोशिश की, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन पुलिस को उसके व्यवहार और घटनास्थल के पास उसकी मौजूदगी पर संदेह हुआ, जिसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने पूरे अपराध की जानकारी पुलिस को दे दी। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसे सबूत के तौर पर जब्त किया गया है।

कुराई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 103(1), 64(2), 66 और 238 शामिल हैं, जो हत्या, यौन हिंसा, सबूत नष्ट करने और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित हैं। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

पुलिस अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी और मृतका के बीच पहले कोई जान-पहचान थी या आरोपी ने पहले भी किसी तरह की निगरानी की थी। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि घटना से पहले आरोपी के व्यवहार में कोई बदलाव या चेतावनी संकेत तो नहीं थे।

यह घटना एक बार फिर महानगरों में अकेले रहने वाली कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बेंगलुरु जैसे आईटी हब में, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं अकेले रहकर काम करती हैं, इस तरह की घटनाएं समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। अपार्टमेंट के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके आसपास ऐसा जघन्य अपराध हो सकता है। वहीं, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी असामान्य हरकत की तुरंत सूचना दें। पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर रही ।

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