ओडिशा के राउरकेला में शनिवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब 9 सीटों वाला छोटा विमान टेकऑफ के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान राउरकेला एयरस्ट्रिप से भुवनेश्वर के लिए उड़ान भर रहा था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही क्षणों बाद तकनीकी समस्या के कारण पास के इलाके में गिर गया। इस हादसे में विमान में सवार दो पायलट और छह यात्री घायल हो गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विमान IndiaOne Air की उड़ान पर था और राउरकेला के जगड़ा ब्लॉक के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। बताया जा रहा है कि विमान ने जैसे ही रनवे से उड़ान भरने की कोशिश की, वैसे ही उसमें गड़बड़ी आ गई और वह संतुलन खो बैठा। इसके बाद विमान एयरस्ट्रिप से कुछ दूरी पर जमीन पर आ गिरा।
टेकऑफ के दौरान आई तकनीकी खराबी
हादसे का शिकार हुआ विमान Charlie-208 मॉडल का बताया जा रहा है, जिसमें उस समय कुल आठ लोग सवार थे। विमान में दो पायलट और छह यात्री मौजूद थे। टेकऑफ के दौरान अचानक आई तकनीकी खराबी को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे के सही कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान के गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंच गईं। घायल यात्रियों और क्रू मेंबर्स को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी का इलाज जारी है।
घायल पायलट और यात्रियों की पहचान
हादसे में घायल हुए पायलटों की पहचान कैप्टन नवीन कडंगा और को-पायलट तरुण श्रीवास्तव के रूप में हुई है। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
वहीं घायल यात्रियों में सुशांत कुमार बिवाल, अनीता साहू, सुनील अग्रवाल और सबिता अग्रवाल शामिल हैं। बाकी यात्रियों को भी मामूली चोटें आई हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य
जैसे ही विमान दुर्घटना की सूचना मिली, दमकल विभाग, पुलिस और चिकित्सा टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रशासन ने बताया कि विमान राउरकेला से लगभग 10 से 15 किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे के बाद पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया और अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
प्रशासन और सरकार अलर्ट मोड पर
घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विमानन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि हादसे की वजह से आसपास के इलाकों में कोई खतरा न रहे।
भुवनेश्वर एयरपोर्ट के निदेशक प्रसन्न प्रधान ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जानकारी विमानन अधिकारियों को दे दी गई है और सभी मानकों के तहत जांच की जाएगी।
परिवहन मंत्री का बयान
ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति जेना ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक गंभीर हादसा था, लेकिन सौभाग्य से इसमें किसी की जान नहीं गई। उन्होंने कहा,
“यह एक बड़ा हादसा था, लेकिन राहत की बात है कि सभी लोग सुरक्षित हैं। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।”
मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार घायलों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
तकनीकी खराबी की आशंका, जांच शुरू
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मैकेनिकल फेल्योर यानी तकनीकी खराबी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। विमानन विशेषज्ञों की एक टीम विमान के मलबे की जांच करेगी और फ्लाइट डेटा के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि टेकऑफ के समय वास्तव में क्या गड़बड़ी हुई थी।
नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) को भी इस हादसे की जानकारी दे दी गई है और उनकी ओर से भी जांच की जाएगी। जांच पूरी होने तक विमान सेवा से जुड़े कई सवालों के जवाब आना बाकी हैं।
बड़ा हादसा टला, सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर छोटे विमानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सभी यात्रियों की जान बच जाना राहत की बात है, लेकिन इस तरह की घटनाएं विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे एयरस्ट्रिप्स से संचालित होने वाली उड़ानों में तकनीकी जांच और रखरखाव पर और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
ओडिशा के राउरकेला में हुआ यह विमान हादसा भले ही बड़ा था, लेकिन समय पर राहत और बचाव कार्य तथा किस्मत की वजह से कोई जान नहीं गई। सभी घायल सुरक्षित हैं और इलाज जारी है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर टेकऑफ के दौरान विमान में क्या खराबी आई थी।