महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार बुधवार सुबह एक विमान हादसे में निधन हो गए। उनका चार्टर्ड बिजनेस जेट बारामती एयरपोर्ट पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पवार के अलावा विमान में सवार अन्य चार लोग भी मारे गए।
फ्लाइट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटराडार24 ने इस हादसे की पुष्टि की और बताया कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सभी यात्रियों की मृत्यु हुई। अधिकारियों ने कहा कि अभी हादसे के कारणों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
अजीत पवार बारामती एक सार्वजनिक रैली में हिस्सा लेने जा रहे थे, जो ज़िला परिषद चुनावों के लिए आयोजित की गई थी। इससे एक दिन पहले वह मुंबई में महाराष्ट्र कैबिनेट कमिटी ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर की बैठक में शामिल हुए थे, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की थी। इस बैठक में राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
हादसे का विवरण और बचाव कार्य
अजीत पवार का विमान लियरजेट 45 (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) था, जिसे VSR ऑपरेट करती थी। विमान में पवार के साथ उनकी निजी सुरक्षा अधिकारी, एक अटेंडेंट और दो पायलट सवार थे। पायलट कमांडर के तौर पर सुमित कपूर और सेकंड इन कमांड शंभवी पाठक मौजूद थे। पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी और अटेंडेंट का नाम क्रमशः विदिप जाधव और पिंकी माली बताया गया।
अधिकारियों ने बताया कि विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। तीन शव बारामती मेडिकल कॉलेज भेजे गए, जबकि पुणे के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिनाख्त प्रक्रिया जारी है।
डिजीसीए (DGCA) की टीम भी जांच के लिए现场 पहुंची और प्रारंभिक निरीक्षण किया। स्थानीय लोग भी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और हादसे की स्थिति देखी। अधिकारियों ने कहा कि हादसे के पीछे की पूरी वजह की जानकारी जांच के बाद ही साझा की जाएगी।
अजीत पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार महाराष्ट्र के छह बार उप मुख्यमंत्री रहे। वह अपनी मेहनती प्रवृत्ति और समय की पाबंदी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कांग्रेस, शिवसेना और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों में उप मुख्यमंत्री का पद संभाला।
उनका राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ाव वाला रहा। नवंबर 2019 में उन्होंने एनसीपी में बड़ा फाड़ किया और जुलाई 2023 में अपने चाचा शरद पवार के गुट से अलग हो गए। अजीत पवार का राजनीतिक करियर 1982 में सहकारी क्षेत्र से शुरू हुआ। उन्होंने बारामती से कई बार विधायक के रूप में चुनाव लड़ा और एक बार लोकसभा सांसद भी बने, बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा के लिए खाली कर दी।
अजीत पवार उस समय महाराष्ट्र के वित्त और योजना मंत्री थे और आने वाले विधान सत्र में राज्य का बजट 2026-27 पेश करने वाले थे। उनके निधन से राज्य की राजनीति और आगामी बजट पेश करने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
अजीत पवार का अचानक निधन राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बड़ी खबर है। हादसे की परिस्थितियों की पूरी जांच अभी जारी है। उनके साथ विमान में सवार अन्य लोगों के परिजनों को भी अपार शोक है। राज्य और पार्टी स्तर पर अब उनके योगदान और उपलब्धियों को याद किया जा रहा है।