प्रधानमंत्री मोदी ने हावड़ा–गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन किया

Vin News Network
Vin News Network
5 Min Read
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का मालदा से गुवाहाटी मार्ग पर उद्घाटन किया, लंबी दूरी की यात्रा अब और आरामदायक होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 17 जनवरी 2026 को मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन किया। यह ट्रेन हावड़ा (पश्चिम बंगाल) से गुवाहाटी (कमाख्या, असम) तक चलेगी और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक नया मील का पत्थर मानी जा रही है। इस ट्रेन के लॉन्च के साथ ही लंबी दूरी की रेल यात्रा अब और अधिक आरामदायक, तेज़ और सुरक्षित हो जाएगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन – विशेषताएँ और उद्देश्य
इस स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्राओं को बेहतर और सुविधाजनक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह पूरी तरह से एयर-कंडीशंड (AC) है और यात्रियों को एयरलाइन जैसी सुविधा प्रदान करती है। भारतीय रेलवे ने इसे आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं के साथ तैयार किया है, ताकि यात्रियों को रात की लंबी यात्रा में आराम, सुरक्षा और सुविधा मिल सके।

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिज़ाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे है। इसमें कुल 16 कोच हैं – जिसमें 11 AC 3-टियर, 4 AC 2-टियर और 1 AC फर्स्ट क्लास कोच शामिल है। यह ट्रेन 823 यात्रियों को एक साथ ले जा सकती है। 3-टियर कोच में 611 सीटें, 2-टियर कोच में 188 और फर्स्ट क्लास AC में 24 सीटें उपलब्ध हैं।

यात्रा समय और सुविधा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा–गुवाहाटी मार्ग पर चलने वाली है। इस ट्रेन के परिचालन से यात्रा का समय लगभग 2.5 घंटे तक कम हो जाएगा। यह खासकर धार्मिक यात्राओं और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। ट्रेन रात में चलेगी और यात्रियों को रात में डिनर और सुबह में चाय की सुविधा भी मिलेगी।

रेलवे ने टिकट की कीमतें भी काफी किफायती तय की हैं। AC 3-टियर टिकट 960 रुपये से शुरू होती है (400 किलोमीटर तक की दूरी के लिए)। AC 2-टियर का किराया लगभग 1,240 रुपये और फर्स्ट क्लास AC का किराया 1,520 रुपये है। लंबी दूरी की यात्रा (लगभग 1,000 किलोमीटर) के लिए किराया 2,400 से 3,800 रुपये के बीच रहेगा, जो अधिकतर विमान टिकटों की तुलना में सस्ता है।

सुविधाएँ और तकनीक
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें कावाच (KAVACH) एंटी-कोलिजन सिस्टम और एमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम मौजूद हैं। कोच में एर्गोनॉमिकली डिज़ाइन किए गए बर्थ, बेहतर कुशनिंग, ऑटोमैटिक दरवाजे और बेहतर सस्पेंशन सिस्टम हैं, जिससे यात्रा सुगम और शोर रहित रहती है।

ट्रेन में भोजन की सुविधा भी है। गुवाहाटी से प्रस्थान करने पर असमी व्यंजन और हावड़ा से प्रस्थान करने पर बंगाली व्यंजन यात्रियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी स्टाफ यूनिफ़ॉर्म में होंगे और टिकटिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।

विशेष नियम और यात्री नीति
यह ट्रेन केवल सामान्य जनता के लिए खुली रहेगी। इस ट्रेन में कोई VIP या इमरजेंसी कोटा नहीं होगा। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी और उच्च पदाधिकारी रेलवे पास का इस्तेमाल करके यात्रा नहीं कर सकेंगे। केवल पुष्ट टिकटधारी यात्री ही ट्रेन में सवार हो पाएंगे।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का महत्व
भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में यह ट्रेन एक नया अध्याय जोड़ रही है। यह लंबी दूरी की रेल यात्रा को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक बनाने की दिशा में पहला कदम है। इस ट्रेन के परिचालन से पूर्वोत्तर और पूर्व भारत के बीच संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही, यह नई तकनीक और सुविधा यात्रियों को भारतीय रेलवे में आधुनिकता का अनुभव भी प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन समारोह में इस ट्रेन को भारतीय रेलवे की तेज, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल यात्रियों के लिए सुविधा, समय की बचत और आधुनिक तकनीक का एक अद्भुत संगम है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सफलता के बाद भविष्य में और भी लंबी दूरी की रूट्स पर इस तरह की सुविधायुक्त ट्रेनें शुरू की जा सकती हैं। इससे यात्रियों को न केवल बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि रेलवे को भी लंबी दूरी की यात्राओं में और अधिक दक्षता और समय की बचत होगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को अब और सरल, आरामदायक और सुरक्षित बनाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। यह भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में देश की उपलब्धियों का प्रतीक है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *