‘चीन और रूस को बाहर करो’: ट्रम्प प्रशासन ने वेनेज़ुएला से तेल उत्पादन से पहले कड़ी शर्तें रखीं

Vin News Network
Vin News Network
6 Min Read
ट्रम्प प्रशासन ने वेनेज़ुएला से तेल उत्पादन से पहले चीन, रूस और ईरान को बाहर करने की मांग की।

अमेरिका की ट्रम्प टीम ने वेनेज़ुएला की अंतरिम सरकार के सामने एक सख्त शर्त रखी है। व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया कि देश को अपनी विशाल तेल उत्पादन क्षमता को फिर से बढ़ाने से पहले अपनी विदेशी नीतियों में बदलाव करना होगा और कुछ खास देशों के साथ रिश्ते तोड़ने होंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वेनेज़ुएला को चीन, रूस, ईरान और क्यूबा को बाहर निकालना होगा और उनके साथ सभी आर्थिक लेन-देन बंद करने होंगे।

अमेरिका की मांगें और तेल साझेदारी

संयुक्त राज्य अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि वेनेज़ुएला अब अपने तेल उत्पादन और निर्यात में केवल अमेरिका के साथ साझेदारी करेगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी खरीदारों को प्राथमिकता दी जाएगी और अन्य देशों के साथ तेल के समझौते बंद किए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी नियंत्रण को मजबूत करना और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अमेरिका का दबदबा बनाए रखना है।

व्हाइट हाउस के सूत्रों ने बताया कि वेनेज़ुएला के पास मौजूदा तेल टैंकर पहले से भरे हुए हैं और बिना तेल की बिक्री के सरकार वित्तीय संकट का सामना कर रही है। इस स्थिति का फायदा उठाकर अमेरिका देश पर दबाव बना रहा है ताकि वे अपनी नीतियों में परिवर्तन करें।

ट्रम्प की घोषणा और तेल की मात्रा

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि वेनेज़ुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल सौंपेगी। इसे बाज़ार भाव पर बेचा जाएगा और इससे मिलने वाली राशि ट्रम्प के नियंत्रण में रहेगी। ट्रम्प का कहना है कि इस तेल का लाभ दोनों देशों, वेनेज़ुएला और अमेरिका, के नागरिकों को मिलेगा।

ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि तेल सीधे अमेरिकी डॉक तक पहुंचाया जाएगा और इसके संचालन का जिम्मा ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को सौंपा गया है। इस योजना के जरिए अमेरिका वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।

मादुरो गिरफ्तारी और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई

यह सारा घटनाक्रम उस समय और तेज़ हो गया जब अमेरिका ने निकोलेस मादुरो की गिरफ्तारी के लिए सैन्य ऑपरेशन किया। इस कार्रवाई में वेनेज़ुएला के सुरक्षा अधिकारी और क्यूबा के कुछ कर्मचारी भी मारे गए। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य केवल तेल उत्पादन और वैश्विक ऊर्जा नियंत्रण है, न कि सैन्य हस्तक्षेप।

चीन और रूस ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि यह लैटिन अमेरिका में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। रूस ने भी अमेरिका के बढ़ते दबाव पर चिंता जताई है और कहा है कि यह वैश्विक राजनीति में असंतुलन पैदा कर सकता है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

वेनेज़ुएला दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार वाले देशों में से एक है। अगर अमेरिका की शर्तों के तहत तेल उत्पादन बढ़ता है और निर्यात शुरू होता है, तो वैश्विक तेल की आपूर्ति में वृद्धि होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा और भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वेनेज़ुएला तेल उत्पादन फिर से शुरू करता है और अमेरिकी बाजार को प्राथमिकता देता है, तो यह अमेरिका को वैश्विक ऊर्जा बाजार में लाभ पहुंचाएगा और तेल की कीमतों को स्थिर करने में मदद करेगा।

राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव

ट्रम्प प्रशासन की यह रणनीति केवल तेल तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य वेनेज़ुएला की विदेश नीति पर असर डालना और चीन, रूस, ईरान और क्यूबा जैसी शक्तियों का प्रभाव कम करना भी है। अमेरिका के इस कदम से दक्षिण अमेरिका में अपनी शक्ति बढ़ाने की योजना को बल मिलेगा।

ट्रम्प ने इस पूरे कदम को “विस्तारित ऊर्जा सहयोग और आर्थिक भागीदारी” के रूप में पेश किया है। उनका कहना है कि इससे अमेरिका और वेनेज़ुएला दोनों के लोग फायदा उठाएंगे। हालांकि, इस पर अंतरराष्ट्रीय विवाद और आलोचना भी हो रही है, जिससे यह मामला केवल तेल का नहीं बल्कि वैश्विक राजनीतिक शक्ति समीकरण का भी हिस्सा बन गया है।

संक्षेप में:

  • ट्रम्प प्रशासन ने वेनेज़ुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने से पहले चीन, रूस, ईरान और क्यूबा को बाहर करने की शर्त रखी।
  • वेनेज़ुएला को केवल अमेरिका के साथ तेल साझेदारी करनी होगी।
  • ट्रम्प ने 30–50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका को देने की घोषणा की।
  • चीन और रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की।

वैश्विक तेल बाज़ार और भारत जैसे देशों को इसका संभावित लाभ मिल सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला के तेल भंडार को वैश्विक ऊर्जा और राजनीति में अपनी ताकत दिखाने के लिए रणनीतिक रूप से उपयोग करने का फैसला किया है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *