अमेरिका में मृत पाई गई भारतीय महिला निकिता गोदिशाला के मामले में उनके पिता आनंद गोदिशाला ने आरोपी को लेकर फैल रही बातों का खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हत्या के आरोपी अर्जुन शर्मा का निकिता से कोई प्रेम संबंध नहीं था। उनके अनुसार, आरोपी निकिता का पूर्व फ्लैटमेट था और दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। पिता ने यह भी कहा कि उनकी बेटी से बड़ी रकम ली गई थी, जिसे वापस मांगने पर उसकी हत्या कर दी गई।
27 वर्षीय निकिता गोदिशाला हैदराबाद की रहने वाली थीं और अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के कोलंबिया शहर में रहती थीं। 2 जनवरी को वह अपने अपार्टमेंट से लापता बताई गई थीं। इसके बाद हावर्ड काउंटी पुलिस ने तलाशी के दौरान उन्हें मृत पाया। जांच में सामने आया कि उनकी मौत चाकू से किए गए हमले के कारण हुई थी।
इस मामले में 26 वर्षीय अर्जुन शर्मा को मुख्य संदिग्ध के रूप में नामित किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने उसके खिलाफ प्रथम और द्वितीय डिग्री हत्या के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस का आरोप है कि हत्या के बाद शर्मा अमेरिका से भारत भाग गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आनंद गोदिशाला ने कहा, “आरोपी को पूर्व प्रेमी बताना बिल्कुल गलत है। वह मेरी बेटी का पूर्व रूममेट था। चार लोग एक अपार्टमेंट में रहते थे। उसने मेरी बेटी से काफी पैसे ले रखे थे। जब निकिता ने भारत जाने से पहले उससे पैसे लौटाने को कहा, तो उसने उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया।”
उन्होंने केंद्र सरकार और तेलंगाना सरकार से अपील की कि वे उनकी बेटी के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने में मदद करें। साथ ही उन्होंने मांग की कि आरोपी को जल्द पकड़कर कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में भी आनंद गोदिशाला ने आरोपी और निकिता के रिश्ते को लेकर स्थिति साफ की। उन्होंने कहा, “आरोपी को पूर्व प्रेमी कहना सही नहीं है। वह सिर्फ उसका पूर्व फ्लैटमेट था। चार लोग उस अपार्टमेंट में रहते थे। जब मेरी बेटी ने दो साल पहले नौकरी शुरू की, तो वह अलग फ्लैट में शिफ्ट हो गई थी। मुझे लगता है कि आरोपी के साथ पैसों को लेकर कुछ विवाद हुआ था।”
निकिता ने 31 दिसंबर की रात अपने पिता से आखिरी बार बात की थी। उन्होंने नए साल की शुभकामनाएं भेजी थीं। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। पुलिस के अनुसार, अर्जुन शर्मा ने ही 2 जनवरी को निकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने दावा किया था कि उसने निकिता को आखिरी बार 31 दिसंबर को देखा था और उसी दिन वह अमेरिका से भारत के लिए रवाना हो गया।
पुलिस ने शर्मा के अपार्टमेंट पर सर्च वारंट के तहत तलाशी ली, जहां निकिता का शव मिला। जांचकर्ताओं का मानना है कि हत्या 31 दिसंबर को शाम करीब 7 बजे के बाद हुई। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।
निकिता वर्ष 2021 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गई थीं और पिछले चार वर्षों से वहीं रह रही थीं। उन्होंने मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद वहेडा हेल्थ (Vheda Health) नामक कंपनी में डेटा एंड स्ट्रैटेजी एनालिस्ट के रूप में काम शुरू किया था। उनके चाचा संतोष कुमार ने पीटीआई को बताया कि निकिता को हाल ही में कंपनी की ओर से ‘बेस्ट एम्प्लॉयी’ के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
निकिता तीन साल पहले आखिरी बार भारत आई थीं। उनका परिवार वर्तमान में हैदराबाद के तरनाका इलाके में रहता है और बेटी की मौत से गहरे सदमे में है। परिवार का कहना है कि वे न्याय की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि उनकी बेटी के शव को जल्द भारत लाया जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह पीड़ित परिवार के संपर्क में है और हर संभव कांसुलर सहायता प्रदान कर रहा है। दूतावास स्थानीय अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर आरोपी की तलाश और आगे की कानूनी प्रक्रिया में सहयोग कर रहा है।
आनंद गोदिशाला ने कहा कि उन्हें रिपोर्ट्स में बताए गए तथ्यों के अलावा किसी अन्य वित्तीय विवाद की जानकारी नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि जो भी दोषी है, उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। परिवार को उम्मीद है कि जांच तेजी से पूरी होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।