आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एलन मस्क की कंपनी xAI के चैटबॉट Grok पर आरोप हैं कि इसका इस्तेमाल महिलाओं और नाबालिगों की गरिमा का उल्लंघन करने वाली डिजिटल तस्वीरें बनाने में किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, X प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से Grok को निर्देश दिए जा रहे हैं कि किसी भी महिला या नाबालिग की तस्वीरों को बदलें, कपड़े हटाएं या आपत्तिजनक रूप में दिखाएं।
भारत सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीर माना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को 72 घंटे का सख्त अल्टीमेटम जारी किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने X को चेतावनी दी है कि अगर 72 घंटे के भीतर विस्तृत Action Taken Report नहीं दी गई, तो कंपनी को भारत में कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि महिलाओं और नाबालिगों की निजता और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को तुरंत हटाया जाए और भविष्य में ऐसे दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त तकनीकी उपाय लागू किए जाएँ।
राज्यसभा सांसद और शिवसेना (UBT) नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले पर आवाज उठाते हुए कहा कि X पर मौजूद AI टूल Grok मूल रूप से मददगार है, लेकिन फर्जी अकाउंट्स के जरिए इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सहमति महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल करना उनकी निजता, गरिमा और अधिकारों का उल्लंघन है और इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ितों की तरफ से भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। बीबीसी से बात करते हुए सामंथा स्मिथ नाम की महिला ने कहा कि Grok ने उनकी तस्वीरें बिना अनुमति बदलीं, जिससे उन्हें “अमानवीय और यौन वस्तु” जैसा महसूस हुआ। xAI से जब इस मामले पर जवाब मांगा गया, तो कंपनी की प्रतिक्रिया विवादित और हल्की रही। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी रूप से xAI इस दुरुपयोग को तुरंत रोक सकती है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या कंपनियां अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी या सरकारों को कड़े कदम उठाने ही पड़ेंगे।
यह मामला AI तकनीक, प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और महिलाओं की सुरक्षा के बीच एक गंभीर बहस को फिर से जोर दे रहा है। अब पूरी दुनिया इस पर नजर रखे हुए है कि X और अन्य बड़ी टेक कंपनियां इस समस्या को कैसे संभालती हैं।