दानापुर अनुमंडल के खगौल इलाके में पुलिस और कुख्यात अपराधी मैनेजर राय के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें अपराधी घायल हो गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अपराधी को उपचार के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मैनेजर राय दीदारगंज का रहने वाला है और वह वर्ष 2022 में खगौल थाना क्षेत्र में हुए डॉ. मो. अनवर आलम हत्याकांड में शामिल था। इसके अलावा उस पर रंगदारी, लूट, हत्या और अन्य संगीन अपराधों के दर्जनों मामले दर्ज हैं। लंबे समय से पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए सक्रिय थी।
पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना
पुलिस को खगौल इलाके में मैनेजर राय के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पटना पुलिस की विशेष टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर अपराधी को पकड़ने की तैयारी की।
इस दौरान, खुद को घिरा हुआ महसूस कर मैनेजर राय ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें अपराधी घायल हो गया। घायल अपराधी को तुरंत पुलिस ने काबू में लिया और इलाज के लिए एम्स पटना भेज दिया।
मुठभेड़ के दौरान बरामद सामग्री
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी के पास से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोपी न केवल खतरनाक था बल्कि सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मुठभेड़ के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन पुलिस ने शीघ्र ही स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
मैनेजर राय का आपराधिक इतिहास
मैनेजर राय पर खगौल और आसपास के इलाकों में दर्जनों आपराधिक मामले हैं। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, रंगदारी, लूट, धमकी और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि वह लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार तलाशी अभियान चलाए जा चुके थे।
विशेष रूप से डॉ. अनवर आलम हत्याकांड में आरोपी की भूमिका ने उसके खतरनाक व्यक्तित्व को उजागर किया। इसके अलावा उसके अन्य आपराधिक मामलों में शामिल होने की जानकारी से पुलिस यह भी अंदाजा लगा रही है कि उसके पीछे एक व्यापक अपराधी नेटवर्क सक्रिय था।
पुलिस की आगामी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मैनेजर राय के नेटवर्क की भी छानबीन की जा रही है। उसके सहयोगियों और अपराधियों की पहचान करने के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातार छानबीन कर रही है ताकि अन्य संदिग्ध अपराधियों को भी पकड़ा जा सके।
इसके साथ ही पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, जिससे भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
मुठभेड़ से सुरक्षा पर असर
खगौल मुठभेड़ ने यह भी साबित कर दिया कि पुलिस सक्रिय और तत्पर है। लंबे समय से फरार अपराधी की गिरफ्तारी ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और नियमित पेट्रोलिंग के जरिए अपराध नियंत्रण को सुनिश्चित कर रही है।
दानापुर के खगौल इलाके में हुई यह मुठभेड़ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मैनेजर राय जैसी कुख्यात शख्सियत की गिरफ्तारी से न केवल डॉ. अनवर आलम हत्याकांड के मामलों में बल्कि उसके अन्य संगीन अपराधों की जांच में भी गति मिलेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।