भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने रविवार, 28 दिसंबर को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए चौथे T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 29 वर्षीय बाएं हाथ की बल्लेबाज ने थिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम के लिए ओपनिंग करते हुए 48 गेंदों में 80 रन बनाए। इस दौरान मंधाना ने 11 चौके और 3 छक्के जड़े।
मंधाना और शफाली वर्मा (46 गेंदों में 79 रन; 12 चौके और 1 छक्का) ने पहले विकेट के लिए 162 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। उनकी यह साझेदारी न सिर्फ टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण रही, बल्कि व्यक्तिगत रूप से मंधाना के करियर में भी एक नया मुकाम साबित हुई। इस शानदार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला।
इस पारी के साथ ही मंधाना ने महिला क्रिकेट में कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने वर्ष 2025 में अब तक खेले गए 32 मैचों में कुल 1703 रन बनाए। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी मंधाना के नाम था, जब उन्होंने पिछले वर्ष 35 मैचों में 1659 रन बनाए थे। इस तरह, उन्होंने अपनी ही उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए क्रिकेट इतिहास में अपनी पहचान और मजबूत कर दी।
स्मृति मंधाना की इस उपलब्धि का महत्व इस बात से भी बढ़ जाता है कि उन्होंने हरमनप्रीत कौर का T20 फॉर्मेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के मारने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लगातार रन बनाने की क्षमता ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मंधाना की बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता का अद्भुत मिश्रण है। उनका खेल न सिर्फ भारतीय टीम के लिए लाभकारी है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के महिला क्रिकेटरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके रिकॉर्ड यह दिखाते हैं कि महिला क्रिकेट अब सिर्फ घरेलू स्तर तक सीमित नहीं रहा; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
मंधाना के इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने टी20 सीरीज में भी टीम इंडिया की स्थिति को मजबूत किया। उनके योगदान से टीम ने श्रीलंका के खिलाफ निर्णायक बढ़त बनाई और श्रृंखला में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। उनका यह रन स्कोरिंग फॉर्म लगातार टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
मंधाना की उपलब्धियों ने महिला क्रिकेट में भारतीय खिलाड़ियों के स्तर और कड़ी मेहनत को भी दर्शाया है। अब तक की उनकी उपलब्धियों में कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाना, सबसे ज्यादा छक्के मारना और लगातार टीम को जीत की ओर ले जाना शामिल है। उनके योगदान से भारतीय महिला क्रिकेट का मान और विश्व में स्थिति दोनों में सुधार हुआ है।
विशेषज्ञों और क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि मंधाना की आक्रामकता, तकनीकी कौशल और मानसिक मजबूती उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनाती है। उनकी बल्लेबाजी में तीव्रता और स्थिरता दोनों हैं, जो उन्हें लंबे समय तक शीर्ष पर बनाए रखने में मदद करती हैं।
स्मृति मंधाना की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में भी सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने साबित कर दिया है कि निरंतर मेहनत और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से महिला क्रिकेटरों के लिए नए रिकॉर्ड और मील के पत्थर बनाना संभव है।
इस रिकॉर्ड के साथ मंधाना ने महिला क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक और रोमांचक बनाने में योगदान दिया है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें बड़े मंच पर अपने कौशल को साबित करने के लिए प्रेरित करेगी।
स्मृति मंधाना का यह प्रदर्शन न सिर्फ भारतीय महिला क्रिकेट का गौरव बढ़ाता है, बल्कि यह दिखाता है कि महिला क्रिकेट अब विश्व स्तर पर पुरुष क्रिकेट के साथ कंधे से कंधा मिला कर प्रतिस्पर्धा कर रहा है। उनके लगातार रन बनाने और रिकॉर्ड तोड़ने के प्रयास ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है और भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।।