पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अब अपने लंबे समय से रहने वाले सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को खाली कर रही हैं। यह आवास साल 2006 से लालू परिवार का मुख्य निवास स्थान रहा है और इसे अक्सर ‘राबड़ी आवास’ के नाम से जाना जाता था। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राबड़ी देवी को इस आवास को खाली करने का नोटिस मिला था, और अब इस प्रक्रिया को कार्यान्वित किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सुबह के समय लगभग 3 से 4 वाहन आवास परिसर में दाखिल हुए, जिनसे गमले, पौधे और अन्य घरेलू सामान बाहर निकाले गए। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पूरा शिफ्टिंग काम कब तक पूरा हो जाएगा। पिछले महीने ही राबड़ी देवी को 39 होर्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास आवंटित किया गया था। यह आवास उन्हें बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के अनुसार दिया गया है। इसके बावजूद, वे अब तक 10 सर्कुलर रोड में ही रह रही थीं।
अब जब शिफ्टिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही राबड़ी देवी नए आवास में शिफ्ट हो सकती हैं। 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला लालू परिवार के लिए केवल आवास ही नहीं बल्कि कई सालों की राजनीतिक और पारिवारिक यादों का प्रतीक भी रहा है। इस आवास में रहने के दौरान लालू परिवार ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसलों और बैठकों की मेजबानी की।
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस मिलने पर राजनीतिक हलचल भी तेज हुई थी। राजद (RJD) ने साफ़ ऐलान किया था कि राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री किसी भी हाल में पटना के 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले को खाली नहीं करेंगी। पार्टी के बिहार प्रभारी मगनीलाल मंडल ने कहा था कि इसके लिए जो भी कदम उठाने होंगे, पार्टी उठाएगी। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर चला।
10 सर्कुलर रोड बंगले का इतिहास भी काफी महत्वपूर्ण है। लालू परिवार ने इसे 2006 में अपना स्थायी निवास बनाया था। तब से लेकर अब तक इस बंगले में लालू यादव और राबड़ी देवी सहित परिवार के कई सदस्य रहते आए हैं। यह आवास उनके राजनीतिक जीवन का भी केंद्र रहा है, जहां पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता महत्वपूर्ण बैठकें करते आए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का नया आवास 39 होर्डिंग रोड में उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में प्रदान किया गया है। इस नए आवास में उनके रहने की तैयारी भी शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार शिफ्टिंग प्रक्रिया में सुरक्षा और संपत्ति संरक्षण का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राबड़ी देवी द्वारा 10 सर्कुलर रोड का खाली करना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके साथ-साथ राजद और बिहार राजनीतिक परिदृश्य में भी कई संकेत छिपे हैं। पार्टी का यह संदेश है कि नेतृत्व और संस्थागत निर्णयों के बावजूद पुराने ठिकानों और यादों का महत्व बरकरार रहता है।
इस शिफ्टिंग प्रक्रिया के दौरान मीडिया और स्थानीय लोगों की निगाहें भी इस आवास पर बनी हुई थीं। 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला अब लालू परिवार के लंबे राजनीतिक और पारिवारिक इतिहास का एक प्रतीक बन गया है।
राबड़ी देवी का नया निवास और पुराने आवास से शिफ्ट होना बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह कदम प्रशासनिक आदेशों के पालन और राजनीतिक संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाने का उदाहरण भी माना जा रहा है।