तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) ने मंगलवार को चेन्नई में भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल से मुलाकात की। इस बैठक से संकेत मिल रहे हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत चुनावी समझौते पर चर्चा तेज हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठनात्मक समन्वय और NDA की व्यापक रणनीति पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे की संभावनाओं पर भी बातचीत होने की उम्मीद है, क्योंकि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व-चुनावी समझौते के लिए संभावनाओं की पड़ताल जारी है।
भाजपा तमिलनाडु ने की रणनीति बैठक
बैठक से पहले, दिन की शुरुआत भाजपा तमिलनाडु कोर कमेटी की अहम बैठक से हुई, जो चेन्नई के टी. नगर स्थित पार्टी मुख्यालय, कमलालयम में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा चुनाव प्रभारी पियुष गोयल ने की, जबकि उनके साथ सह प्रभारी और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और भाजपा तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष नैनार नगेंद्रन भी मौजूद रहे।
कोर कमेटी ने बैठक में चुनावी रणनीति तैयार करना, संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा और राज्यभर में आउटरीच कार्यक्रमों की योजना पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक ने संकेत दिया कि भाजपा तमिलनाडु में अपनी संगठनात्मक शक्ति बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को तेज करने के लिए पूरी तरह जुटी है।
पियुष गोयल का चेन्नई आगमन और स्वागत
पियुष गोयल मंगलवार सुबह चेन्नई पहुंचे, उनके साथ सह प्रभारी और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी थे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने किया। एल. मुरुगन ने कहा कि गोयल की यह यात्रा पार्टी नेतृत्व की तमिलनाडु में संगठन को मजबूत करने की गंभीरता को दर्शाती है।
भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई साउंडराराजन ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि नया नेतृत्व टीम अच्छी तरह से संगठित और उत्साहित है। उन्होंने याद दिलाया कि पियुष गोयल पहले 2019 के चुनाव में भाजपा के प्रभारी रहे हैं और तमिलनाडु की राजनीति तथा गठबंधन प्रबंधन का व्यापक अनुभव रखते हैं।
भाजपा की चुनावी रणनीति और उद्देश्य
तमिलिसाई साउंडराराजन ने कहा कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य राज्य में सत्ता में मौजूद डीएमके को हराना है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनविरोधी और हिंदू-विरोधी नीतियों को बढ़ावा दे रही है। उनका कहना था कि पार्टी तमिलनाडु में संगठनात्मक आधार को मजबूत करने और आगामी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि EPS-पियुष गोयल की बैठक आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सीटों के बंटवारे, प्रचार रणनीति और संगठनात्मक समन्वय जैसी महत्वपूर्ण बातें इस बैठक में सामने आईं।
NDA और DMK गठबंधन की रफ्तार
तमिलनाडु में चुनावी मुकाबला उच्च दांव वाला होने वाला है। NDA के अंदर AIADMK और भाजपा के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है, जबकि DMK-संयुक्त मोर्चा भी अपनी तैयारियों को तेज कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि EPS और गोयल की यह बैठक राजनीतिक गठबंधन और चुनावी रणनीति के लिहाज से निर्णायक साबित हो सकती है।
बैठक ने यह स्पष्ट किया कि NDA की तमिलनाडु इकाई संगठित, रणनीतिक और चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। भाजपा तमिलनाडु में अपनी संगठनात्मक पैठ और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।
चेन्नई में हुई EPS-पियुष गोयल बैठक से स्पष्ट हो गया है कि NDA गठबंधन को लेकर बातचीत और चुनावी रणनीति पर काम तेजी से चल रहा है। सीटों के बंटवारे, प्रचार अभियान और संगठनात्मक तैयारियों पर जोर देने के साथ, भाजपा और AIADMK तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK-मुख्यालय को चुनौती देने के लिए रणनीतिक रूप से संयमित कदम उठा रहे हैं।
इस बैठक ने तमिलनाडु में आगामी चुनाव को उच्च-दांव वाला और गतिशील बनाने का संकेत दिया है, जहां NDA और DMK के बीच सघन राजनीतिक संघर्ष देखने को मिलेगा।