एसआईआर को लेकर यूपी बीजेपी का फोकस, पंकज चौधरी का विपक्ष पर हमला—‘कभी संतुष्ट नहीं होते’

Vin News Network
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लखनऊ में पार्टी बैठक के दौरान एसआईआर को प्राथमिकता देने की अपील करते यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी।

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित संगठनात्मक बैठक में यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि फिलहाल SIR से जुड़ा काम सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि जब तक SIR का कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक औपचारिक बैठकें और स्वागत-सम्मान जैसे कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि वे SIR के मुद्दे पर लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले चर्चा की मांग करता है, और जब चर्चा कराई जाती है, तब भी वे संतुष्ट नहीं होते। “हम चर्चा से भागने वाली पार्टी नहीं हैं। चुनावी सुधारों पर चर्चा हुई, इसके बाद भी विपक्ष ने रामलीला मैदान में रैली की। विपक्ष कभी खुश नहीं होता,” उन्होंने कहा।

SIR को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त संदेश

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही, नए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

पंकज चौधरी ने कहा कि जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि सभी योग्य नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और किसी भी प्रकार की चूक न हो।

प्रधानमंत्री मोदी की रैली पर भी जोर

बैठक के दौरान पंकज चौधरी ने 25 दिसंबर को लखनऊ में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को इस रैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाना है। “बीजेपी का हर कार्यकर्ता हमेशा तैयार रहता है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी की रैली को हमारे कार्यकर्ता पूरी ताकत से सफल बनाएंगे,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि SIR से जुड़े कार्य पूरे होने के बाद संगठनात्मक गतिविधियां और कार्यक्रम दोबारा शुरू किए जाएंगे, लेकिन फिलहाल पूरा फोकस मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर होना चाहिए।

विपक्ष पर लगातार हमले का आरोप

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष SIR को लेकर बेवजह का शोर मचा रहा है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना लोकतंत्र के हित में है और बीजेपी इस जिम्मेदारी से पीछे हटने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा कि SIR के जरिए फर्जी नामों को हटाने और वास्तविक मतदाताओं को जोड़ने का काम किया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।

महत्वपूर्ण नेताओं की गैरमौजूदगी पर चर्चा

हालांकि, जिस बैठक में SIR को लेकर गंभीर निर्देश दिए गए, उसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं थे। यह बैठक विधायकों, सांसदों और यहां तक कि 2022 के विधानसभा चुनाव हार चुके उम्मीदवारों के लिए भी आयोजित की गई थी।

इसके बावजूद कई प्रमुख चेहरे बैठक में शामिल नहीं हुए। अनुपस्थित रहने वालों में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर, कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, मथुरा सांसद हेमा मालिनी, पूर्व अमेठी सांसद स्मृति ईरानी, पूर्व सांसद संजीव बालियान, सांसद भोला सिंह और विधायक दिनेश खटिक शामिल हैं।

इन नेताओं की गैरहाजिरी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर हुई, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की।

नेतृत्व की मौजूदगी से संदेश स्पष्ट

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व SIR को लेकर पूरी तरह गंभीर है। नेतृत्व की मौजूदगी को कार्यकर्ताओं के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि इस अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आने वाले दिनों में तेज होगा अभियान

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में SIR को लेकर पार्टी का अभियान और तेज किया जाएगा। जिला और मंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।

कुल मिलाकर, यूपी बीजेपी ने SIR को राजनीतिक और संगठनात्मक एजेंडे के केंद्र में रखते हुए साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के आरोपों से विचलित हुए बिना अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ेगी। पार्टी का दावा है कि यह प्रक्रिया न केवल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगी, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।

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