अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के एक प्रमुख स्तंभ और वरिष्ठ संत डॉ. रामविलास दास वेदांती के मंगलवार को निधन से पूरे संत समाज और राम भक्तों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। राम मंदिर निर्माण के लिए दशकों तक संघर्ष करने वाले वेदांती जी के निधन की खबर मिलते ही उनके अनुयायी और स्थानीय लोग शोकाकुल हो उठे।
देर रात उनका पार्थिव शरीर मध्य प्रदेश से अयोध्या स्थित उनके आवास, जिसे ‘हिंदू धाम’ के नाम से जाना जाता है, लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए संत-समाज के प्रमुख, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहाँ पहुँचे और नम आँखों से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
डॉ. रामविलास दास वेदांती का जाना अयोध्या की संत परंपरा के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शीघ्र ही ‘हिंदू धाम’ पहुँचेंगे। यह दर्शाता है कि राम मंदिर आंदोलन और भारतीय राजनीति में उनका योगदान कितना महत्त्वपूर्ण था।