12 राज्यों में मतदाता सूची संशोधन की समयसीमा बढ़ सकती है, चुनाव आयोग की आज अहम बैठक

Vin News Network
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चुनाव आयोग की आज बड़ी बैठक

देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की धीमी प्रगति को देखते हुए चुनाव आयोग आज एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। संकेत मिल रहे हैं कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन की समयसीमा बढ़ाई जा सकती है। जिन क्षेत्रों में प्रक्रिया अपेक्षा से धीमी बताई जा रही है उनमें अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल प्रमुख हैं।

एसआईआर का लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है डुप्लीकेट नाम हटाना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम निकालना और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना। इस चरण में बूथ-स्तर अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं लेकिन कई बीएलओ शिक्षकों व सरकारी कर्मचारियों से जुड़े होने के कारण सीमित समय में काम पूरा करने में चुनौतियाँ सामने आ रही हैं।

उत्तर प्रदेश ने आयोग से दो सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत मांगी है ताकि मृत, स्थानांतरित और गुम मतदाताओं के मामलों की दोबारा जांच की जा सके। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, अब तक 99.24% जनगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है और 4 नवंबर से यह अभियान जारी है। वहीं, पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग पहले ही संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाकर 14 फरवरी 2026 कर चुका है। जनगणना, मतदान केंद्रों के सत्यापन और युक्तिकरण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए यह विस्तार दिया गया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, घर-घर जनगणना 11 दिसंबर 2025 को समाप्त होगी, जबकि 16 दिसंबर को मसौदा सूची प्रकाशित की जाएगी। दावा–आपत्तियों की प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 तक चलेगी और उनका निपटारा 7 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।

बता दें कि देश की सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया मतदाता सूची के अद्यतन को सटीकता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए आयोग द्वारा समयसीमा बढ़ाना एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।

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