दिल्ली के संगम विहार इलाके में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने मृतका नसरीन की बहू आफरीन को गिरफ्तार किया है। मामले ने तब तूल पकड़ा जब फॉरेंसिक टीम की शुरुआती जांच में आगजनी और कमरे में फैले तेल के अवशेषों पर शक गहराया। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला ने इंटरनेट पर हत्या करने और सबूत मिटाने के तरीकों की विस्तृत खोज की थी।
घटना कैसे हुई
जानकारी के मुताबिक, मृतका नसरीन अपने छोटे बेटे रिज़वान के साथ पहली मंजिल पर रहती थीं। दूसरी मंजिल पर बड़ा बेटा सलमान और उसकी गर्भवती पत्नी आफरीन रहते थे। 19 नवंबर की सुबह दोनों बेटे काम पर चले गए, और घर पर सिर्फ सास-बहू मौजूद थीं। उसी दौरान पहली मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली।
पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि कमरा बुरी तरह जला हुआ था और नसरीन खून से लथपथ मृत पड़ी थीं। दूसरी ओर, आफरीन के कमरे में भी सामान इधर-उधर बिखरा था, जिसे वह पहले लूटपाट का मामला बता रही थी। हालांकि, स्थिति शुरू से ही संदिग्ध लग रही थी।
पुलिस जांच में आया मोड़
एसएचओ आशीष दुबे के निर्देश पर एसआई प्रेम और एसआई सरताज की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में कई तथ्य सामने आए जो कहानी से मेल नहीं खाते थे। इसके बाद आफरीन को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पूछताछ के दौरान वह लगातार अपने बयान बदलती रही। जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर उससे सवाल किए, तो अंततः उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
क्या था हत्या का कारण?
पुलिस को दिए बयान में आफरीन ने बताया कि उसका पति सलमान से प्रेम विवाह हुआ था। शादी के बाद सास नसरीन उसे कई बार संपत्ति से बेदखल करने की धमकी देती थीं, जिससे वह बेहद नाराज थी। पति सलमान उसे विवादों से दूर रहने की सलाह देता था, लेकिन आरोपी महिला ने मन ही मन सास को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
इंटरनेट पर खोजी हत्या की पूरी योजना
जांच में पुलिस को एक बड़ा सुराग मिला—आफरीन का मोबाइल फोन। फोन की हिस्ट्री चेक करने पर सामने आया कि उसने गूगल और यूट्यूब पर हत्या करने, सबूत मिटाने और आगजनी से पुलिस को गुमराह करने के तरीके खोजे थे।
यह भी पता चला कि वह गांधी विहार में छात्र की हत्या वाले मामले के वीडियो देख रही थी, जिसमें आरोपी युवती ने शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की थी। आफरीन ने भी वही तरीका अपनाया और नसरीन की हत्या के बाद कमरे में आग लगा दी ताकि इसे हादसे जैसा दिखाया जा सके।
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोल दी पोल
फॉरेंसिक टीम को कमरे से ज्वलनशील पदार्थ, यानी तेल के अवशेष मिले। इसी के बाद पुलिस को साफ समझ आ गया कि आग जानबूझकर लगाई गई थी। मौके की परिस्थितियों और आरोपी के विरोधाभासी बयानों ने पूरे मामले को हत्या की दिशा में मोड़ दिया।
वर्तमान स्थिति
आफरीन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले में चार्जशीट समय से पहले दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
संगम विहार का यह मामला फिर से यह सवाल खड़ा करता है कि घरेलू विवाद किस तरह खतरनाक मोड़ लेकर जानलेवा घटनाओं में बदल सकते हैं। इस वारदात ने इलाके में दहशत और चर्चा दोनों बढ़ा दी है।