रामपुर की अदालत ने सोमवार को दो पैन कार्ड मामले में सपा के पूर्व विधायक आजम खां और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया और उन्हें कस्टडी में लिया। सुनवाई के दौरान भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी अदालत में मौजूद रहे। मामले के चलते कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। वहीं, भाजपा और सपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर के बाहर जमा हुए थे।
सपा नेता आजम खां के खिलाफ पहले से ही 104 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 11 में कोर्ट ने फैसला सुना चुका है। इनमें छह मामलों में उन्हें सजा हो चुकी है, जबकि पांच मामलों में वे बरी हो गए थे।
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, अब्दुल्ला आजम के पास दो पैन कार्ड थे। एक पैन कार्ड में जन्म तिथि एक जनवरी 1993 दर्ज थी, जो शैक्षिक प्रमाणपत्र के अनुसार सही है। वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव के नामांकन के लिए प्रस्तुत दूसरे पैन कार्ड में जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 दर्ज थी। आरोप है कि यह दूसरा पैन कार्ड बैंक पासबुक में हस्तलिखित तरीके से बनाया गया था और चुनाव आयु संबंधी अयोग्यता छुपाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
सक्सेना ने कहा कि अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता आजम खां के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और चुनाव नामांकन में इसे प्रस्तुत कर विधानसभा चुनाव जीतने का प्रयास किया। इस तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी।