आगरा जिले के बरहन क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (भानू) के बैनर तले गुरुवार को एक विशाल किसान महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और सरकार द्वारा किसानों की लगातार अनदेखी पर कड़ा रोष व्यक्त किया। किसानों ने एक स्वर में बैनई पैंठ को बचाने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
किसानों ने जताया आक्रोश बैनई पैंठ बचाने का संकल्प
महापंचायत में भाकियू (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि देश को आजाद हुए 77 साल हो चुके हैं, लेकिन किसानों को अब तक गुलामी की जंजीरों से मुक्ति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि “आज भी किसानों को राजनेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए बंधक बनाकर रखा है।” उन्होंने सभी किसान संगठनों से अपील की कि वे एकजुट होकर एक संयुक्त किसान मोर्चा के तहत आंदोलन करें ताकि किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त आवाज उठाई जा सके।
जमीन विवाद और खाद संकट पर उठी आवाज
सिस्टम सुधार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुमान ठाकुर ने पंचायत में बैनई पैंठ के मालिक बृजेश चौधरी की जमीन को धोखाधड़ी से हड़पने के प्रयास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बैनई पैंठ को बचाने के लिए सभी किसानों को एक मंच पर आना होगा और मिलकर संघर्ष करना होगा।
इसके अलावा नेताओं ने डीएपी और यूरिया की कमी पर चिंता जताई और इसे किसानों की उपज और आजीविका के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाए जाने को किसान और मजदूरों के साथ धोखा करार दिया।
सरकार को सौंपा ज्ञापन
महापंचायत के बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी एत्मादपुर सुमित कुमार को सौंपा। ज्ञापन में किसानों की समस्याओं के समाधान और बैनई पैंठ को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
पंचायत में बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
पंचायत में भाकियू भानू के राष्ट्रीय प्रवक्ता बच्चू सिंह चौहान, बॉबी यादव, हजारी लाल यादव, महाराज सिंह, और किसान यादव सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. महेश चौधरी ने किया।
नतीजा
आगरा की यह महापंचायत किसानों की एकजुटता और संघर्ष की नई मिसाल पेश करती है। बैनई पैंठ को बचाने की इस मुहिम में किसान अब एकजुट होकर सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं।