बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपना चुनावी घोषणा पत्र ‘संकल्प पत्र 2025’ जारी कर दिया है। पटना के एक बड़े होटल में आयोजित कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में यह घोषणा पत्र जारी किया गया। एनडीए ने इसे “विकसित बिहार का ब्लू प्रिंट” बताया है।
कार्यक्रम के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने घोषणा पत्र के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब केवल विकास चाहती है। एनडीए सरकार की वापसी पर राज्य को औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। गठबंधन ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ से अधिक नौकरियां और रोजगार देने का संकल्प लिया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए सरकार महिलाओं, युवाओं, गरीबों, दलितों और अतिपिछड़ों के सशक्तिकरण पर फोकस करेगी। महिला रोजगार को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी और एक करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनेंगी। वहीं, ‘मिशन करोड़पति’ के तहत महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
अति पिछड़ा वर्ग और किसानों के लिए भी कई योजनाओं की घोषणा की गई। एनडीए सरकार बनने पर ईबीसी वर्ग को ₹10 लाख तक की सहायता, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 प्रति वर्ष, और मत्स्य पालकों को ₹9,000 वार्षिक सहायता देने का वादा किया गया है। इस योजना को “कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान” नाम दिया गया है।
NDA के ‘संकल्प पत्र 2025’ के 25 प्रमुख वादे:
एक करोड़ से अधिक सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर।
हर जिले में मेगा स्किल सेंटर की स्थापना।
बिहार स्पोर्ट्स सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।
हर जिले में फैक्ट्री और 10 नए औद्योगिक पार्क।
100 MSME पार्क और 50,000 से अधिक कुटीर उद्योग।
डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क।
महिला रोजगार योजना के तहत ₹2 लाख तक की सहायता राशि।
करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य।
‘मिशन करोड़पति’ के तहत महिला उद्यमियों को बढ़ावा।
किसान सम्मान निधि ₹9,000 प्रति वर्ष।
मत्स्य पालकों को ₹9,000 प्रति वर्ष।
सभी फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी।एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹9 लाख करोड़ का निवेश।
हर अनुमंडल में एससी/एसटी विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय।
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को ₹2,000 प्रति माह सहायता।
ईबीसी वर्ग को ₹10 लाख तक की सहायता।
नर्सरी से पीजी तक गरीब छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा।
स्कूलों में मिड-डे मील के साथ पौष्टिक नाश्ता।
50 लाख नए पक्के मकान, मुफ्त राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली।
₹5,000 करोड़ से जिलों के प्रमुख स्कूलों का कायाकल्प।
7 एक्सप्रेसवे और 3,600 किमी रेल ट्रैक का आधुनिकीकरण।
विश्वस्तरीय मेडिकल सिटी और हर जिले में मेडिकल कॉलेज।
मां जानकी की जन्मस्थली सीतापुरम को धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करना।
पटना, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और 4 नए शहरों में मेट्रो परियोजना।
बाढ़ मुक्त बिहार के लिए फ्लड मैनेजमेंट बोर्ड और फ्लड टू फॉर्च्यून मॉडल।
एनडीए ने दावा किया है कि यह घोषणापत्र बिहार को अगले पांच वर्षों में विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।