दिल्ली की राउज एवेन्यू सीबीआई अदालत ने आईआरसीटीसी घोटाले के संबंध में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने इसे धोखाधड़ी और साजिश से जुड़ा मामला बताया और कहा कि सरकारी पद के दुरुपयोग और टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप के तत्व पाए गए हैं। मामला अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।
आदेश के बाद तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों के मौसम में इस प्रकार के घटनाक्रम होते रहते हैं, लेकिन वे न्यायालय का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका और उनके परिवार का रुख संघर्षपूर्ण रहा है और वे आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि ‘तूफानों से लड़ने में मजा ही कुछ और है।’ तेजस्वी ने आगे कहा कि बिहार की जनता समझदार है और सच्चाई जानती है।
तेजस्वी ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव की उपलब्धियों का भी हवाला दिया और उनका बचाव करते हुए कहा कि लालू ने रेलवे में सुधार किए, उसे लाभ पहुंचाया और कई बार नीतिगत बदलाव किए गए जिन्हें लोग मान्यता देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप-प्रत्यारोप को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है और उनका मानना है कि यह पूरा प्रकरण राजनीतिक सन्दर्भों से जुड़ा है।
राउज एवेन्यू अदालत ने लालू प्रसाद पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने टेंडर शर्तों में हेराफेरी कराई और कम कीमत पर जमीन खरीदने में साज़िश रची गई। लालू ने कोर्ट में अपनी बेगुनाही जताई है और मामले की कानूनी लड़ाई आगे चलेगी। राजनीतिक असर के बारे में तेजस्वी ने कहा कि जब तक वर्तमान राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी सत्ता में रहेगा और वे स्वयं सक्रिय राजनीति में रहेंगे वे विरोध और संघर्ष जारी रखेंगे। साथ ही उनसे महागठबंधन के सीट-बंटवारे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उम्मीद जताई कि फॉर्मूला शीघ्र ही तय हो सकता है।
यह मामला न केवल कानून की दायरे में है बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों के राजनीतिक परिवेश पर भी असर डाल सकता है। अब अदालत की ओर से आगे की कार्यवाही और दलीलों के आधार पर ही मामले का अगला अध्याय तय होगा।