क्या आप भी 5G फोन का इस्तेमाल करते-करते बोर हो चुके हैं और कुछ नया एक्सपीरियंस करना चाहते हैं? तो अब तैयार हो जाइए अगली जनरेशन मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी के लिए, क्योंकि 6G की एंट्री का समय तय हो चुका है। ग्लोबल चिपमेकर Qualcomm ने कंफर्म किया है कि साल 2028 तक 6G-सपोर्टेड डिवाइसेस बाजार में देखने को मिल सकते हैं।
क्वालकॉम ने क्या कहा?
Snapdragon Summit 2025 के दौरान Qualcomm के CEO क्रिस्टियानो एमॉन ने घोषणा की कि 2028 में प्री-कमर्शियल 6G डिवाइसेस उपलब्ध होंगे। यानी ये डिवाइस शुरुआती तौर पर टेस्टिंग या डेमो के लिए होंगे लेकिन इनसे 6G तकनीक की क्षमताओं की एक झलक मिल जाएगी।
6G टेक्नोलॉजी में क्या होगा नया?
5G के बाद अब 6G तकनीक न केवल इंटरनेट स्पीड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी बल्कि स्मार्ट डिवाइसेस की दुनिया में भी बड़ा बदलाव लाएगी। बताया जा रहा है कि 6G पर आधारित डिवाइसेस में ऐसे नए सेंसर मिल सकते हैं जो स्मार्ट रिंग्स, स्मार्ट वॉचेज़, स्मार्ट ग्लासेस जैसे वियरेबल्स को और स्मार्ट बना देंगे। जहां 5G गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर काम करता है वहीं 6G टेरेहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर ऑपरेट करेगा। इसका मतलब है कि नेटवर्क की स्पीड, बैंडविड्थ और कनेक्टिविटी में कई गुना इजाफा देखने को मिलेगा।
कितना वक्त लगेगा 6G आने में?
मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी में आमतौर पर हर 8 से 10 साल में एक नई जनरेशन देखने को मिलती है। 5G की शुरुआत 2016 में प्री-कमर्शियल डिवाइसेस के साथ हुई थी और 2019 में यह आम यूज़र्स के लिए उपलब्ध हुआ। अब अगर 6G 2028 में आता है तो इसका मतलब हुआ कि 5G के बाद अगली टेक्नोलॉजी आने में करीब 12 साल का समय लग गया है।
कितनी तेज होगी 6G?
अभी तक की रिपोर्ट्स के मुताबिक, 6G की इंटरनेट स्पीड 5G से करीब पांच गुना तेज हो सकती है। इसका फायदा ये होगा कि यूज़र्स को रियल-टाइम होलोग्राफिक कम्युनिकेशन, अल्ट्रा-HD स्ट्रीमिंग और AI आधारित स्मार्ट एप्लिकेशन का अनुभव बिना किसी लैग के मिलेगा।
नतीजा
6G सिर्फ एक नया नेटवर्क नहीं, बल्कि एक नई डिजिटल क्रांति का संकेत है। Qualcomm की हालिया घोषणा यह साबित करती है कि टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है और यूज़र्स को इसके लिए तैयार रहना होगा। भारत जैसे देश जहां 5G अब भी विस्तार के दौर में है वहां 6G की तैयारी एक बड़ी उपलब्धि हो सकती है।