लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय का इंस्टिट्यूट ऑफ़ फ़ार्मास्युटिकल साइंसेज़ आगामी विश्व फार्मासिस्ट दिवस (25 सितम्बर 2025) के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का एक भव्य आयोजन करने जा रहा है। इस उत्सव का शीर्षक Pharma Lumen रखा गया है जिसका उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि फार्मास्यूटिकल शिक्षा और उद्योग जगत के महत्व को भी व्यापक स्तर पर सामने लाना है। आज दिनांक 16 सितम्बर 2025 को इस आयोजन का आधिकारिक शुभारंभ फ्लायर विमोचन के साथ हुआ। यह विमोचन लखनऊ विश्वविद्यालय की माननीया कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस मौके पर कुलपति महोदया ने फार्मा शिक्षा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “फार्मास्यूटिकल शिक्षा आज केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि समाज और मानवता के लिए सेवा का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को सीखने, समझने और अपने ज्ञान को प्रयोगात्मक रूप देने का अवसर मिलता है।”
कार्यक्रमों की विशेष झलकियाँ
“Pharma Lumen” अंतर्गत कई प्रतियोगिताएँ और गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें शैक्षणिक गंभीरता और रचनात्मकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा।
- Pharmathon: A Marathon of Knowledge
यह राष्ट्रीय स्तर की क्विज प्रतियोगिता होगी, जिसमें प्रतिभागियों को फार्मा इंडस्ट्री और रिसर्च जगत से जुड़ी नई जानकारियों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा। इसके तहत:
Pharma Industry Connect का अवसर
1-1 Interaction with Scientists
प्रख्यात फार्मा पुस्तकों के विशेष संस्करण
प्रमाण पत्र एवं मेडल
प्लेसमेंट ड्राइव्स में विशेष सुविधा
प्रारम्भिक परीक्षा – 21 सितम्बर 2025
फाइनल राउंड – 22 सितम्बर 2025
पंजीकरण अवधि – 16 सितम्बर से 20 सितम्बर 2025 तक (निःशुल्क)
- Poster Colloquium
यह राज्य स्तर की वैज्ञानिक पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता होगी। प्रतिभागी फार्मा रिसर्च, दवाइयों की नई तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं और समाज पर उनके प्रभाव से जुड़े विषयों पर अपने विचार और शोध प्रस्तुत करेंगे।
- A Dramatic Draught
यह प्रतियोगिता फार्मा जगत की कहानियों को नाटकीय रूप में प्रस्तुत करेगी। राज्य स्तर की इस नाट्य प्रस्तुति प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अभिव्यक्ति, संवाद और सृजनशीलता दिखाने का मंच मिलेगा।
- Elixir of Colors: Technical Rangoli Making
सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित यह प्रतियोगिता तकनीकी और कलात्मक सोच का अनूठा संगम होगी। इसमें रंगोली के माध्यम से फार्मा विज्ञान की अवधारणाओं को प्रतीकात्मक रूप दिया जाएगा।
नेतृत्व और आयोजन समिति
इस आयोजन के दौरान संस्थान के कई प्रमुख पदाधिकारी और शिक्षाविद उपस्थित रहे। इनमें प्रोफेसर पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, निदेशक, इंस्टिट्यूट ऑफ़ फ़ार्मास्युटिकल साइंसेज़ ,डॉ. प्रणति श्रीवास्तव, सहायक आचार्य, किरण सिंह, डॉ. प्रणेश कुमार, डॉ. अकांक्षा मिश्रा सभी ने इस पहल को विद्यार्थियों के भविष्य की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बताया।
फार्मा शिक्षा और उद्योग की प्रासंगिकता
विश्व फार्मासिस्ट दिवस का उद्देश्य है समाज में फार्मासिस्ट की भूमिका और महत्व को पहचान दिलाना। दवा निर्माण, शोध, क्लिनिकल रिसर्च, हेल्थकेयर और समाजसेवा हर स्तर पर फार्मासिस्ट अहम जिम्मेदारी निभाते हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय का यह आयोजन विद्यार्थियों को न केवल अकादमिक प्रतिस्पर्धा का अवसर देगा बल्कि उन्हें उद्योग जगत से जोड़कर रोजगार और नवाचार की राह भी खोलेगा।
प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा “Pharma Lumen का उद्देश्य है विद्यार्थियों की ऊर्जा को सही दिशा देना और उन्हें वैश्विक फार्मा इंडस्ट्री के लिए तैयार करना। यह आयोजन शिक्षा और उद्योग के बीच एक सार्थक सेतु का कार्य करेगा।”
छात्रों के लिए अवसर
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी कार्यक्रम विद्यार्थी-केंद्रित हैं। इसमें भाग लेने वाले छात्र केवल पुरस्कार ही नहीं जीतेंगे, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री और रिसर्च विशेषज्ञों से मार्गदर्शन ,नए नेटवर्किंग अवसर,शोध प्रकाशन और प्रस्तुति के अवसर,भविष्य की प्लेसमेंट में प्राथमिकता जैसी सुविधाएँ प्राप्त होंगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे फार्मा सेक्टर में नवाचार और रोजगार दोनों की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
समापन और भविष्य की दृष्टि
“Pharma Lumen” जैसे आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ज्ञान, कला और विज्ञान के समन्वय का एक उत्सव हैं। विश्व फार्मासिस्ट दिवस जैसे अवसर पर ऐसे प्रयास यह संदेश देते हैं कि फार्मासिस्ट केवल दवा विक्रेता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और नवाचार के संरक्षक भी हैं।
कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से कहा “आप केवल भविष्य के वैज्ञानिक नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने वाले योद्धा भी हैं। शिक्षा और सेवा का यह समन्वय ही आपको आगे बढ़ाएगा।” निश्चित रूप से लखनऊ विश्वविद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों और फार्मा शिक्षा जगत दोनों के लिए एक नई रोशनी लेकर आएगा।