भारत के पूर्व कप्तान और मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि चयनकर्ताओं को उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के बाद रिटायरमेंट के लिए मनाना चाहिए था। वेंगसरकर का मानना है कि कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज का अनुभव और मौजूदगी टीम इंडिया के लिए अभी भी अमूल्य थी।
कोहली का अचानक फैसला
किंग कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी की शुरुआत से कुछ दिन पहले किया था। यह फैसला क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला था। कोहली ने अपने करियर में भारत के लिए 100 से ज्यादा टेस्ट खेले, कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं और बल्लेबाजी में अनगिनत रिकॉर्ड बनाए। उनके टेस्ट से संन्यास लेने के तुरंत बाद रोहित शर्मा ने भी इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया।
एक साथ दो दिग्गजों का संन्यास – असर और चुनौतियां
कोहली और रोहित शर्मा के एक साथ टेस्ट फॉर्मेट छोड़ने से भारत को टीम में बड़े बदलाव करने पड़े। शुभमन गिल को इंग्लैंड के खिलाफ युवा टीम का कप्तान बनाया गया। टीम में कई नए चेहरों को मौका मिला। अनुभवी खिलाड़ियों की कमी के बावजूद गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने सीरीज 2-2 से ड्रॉ करवाई, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
वेंगसरकर का तर्क – क्यों कोहली को रुकना चाहिए था?
वेंगसरकर ने कहा, कोहली के पास अभी भी बेहतरीन फिटनेस और बल्लेबाजी कौशल है। उनकी मौजूदगी से टीम के युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिलता। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनका अनुभव भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता था। उन्होंने चयनकर्ताओं को सलाह दी कि ऐसे खिलाड़ी को रिटायरमेंट से पहले समझाना और मनाना जरूरी है, खासकर तब जब वह टीम के लिए अब भी अहम योगदान दे सकता हो।
कोहली का टेस्ट करियर – एक नजर
- मैच: 113
- रन: 8848
- औसत: 49.87
- शतक: 29
- अर्धशतक: 30
कप्तानी में भारत को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में ऐतिहासिक जीत दिलाई।
रोहित शर्मा का भी विदा कहना
कोहली के बाद रोहित शर्मा के टेस्ट से संन्यास लेने से भारतीय टेस्ट टीम एक नए युग में प्रवेश कर गई।
दोनों खिलाड़ियों ने पिछले एक दशक में भारतीय टेस्ट क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, लेकिन अब टीम की कमान नई पीढ़ी के हाथों में है।
नई टीम, नया नेतृत्व
शुभमन गिल की अगुआई में युवा भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर शानदार जुझारूपन दिखाया। गिल ने बतौर कप्तान रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया। बल्लेबाज के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और प्रदर्शन ने संकेत दिया कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित है।
क्या कोहली वापसी करेंगे?
हालांकि कोहली ने स्पष्ट किया है कि उनका टेस्ट से रिटायरमेंट अंतिम है, लेकिन क्रिकेट में कई बार खिलाड़ी वापसी भी करते हैं। वेंगसरकर जैसे पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि यदि टीम और देश को जरूरत पड़ी, तो कोहली जैसे खिलाड़ी दोबारा मैदान पर उतर सकते हैं।