वाराणसी। वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर दिन-ब-दिन खतरे की ओर बढ़ रहा है। सोमवार को पूरे दिन जलस्तर आधा सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ता रहा। लेकिन शाम सात बजे के बाद जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से उछाल आने लगी। स्थिति को लेकर केंद्रीय जल आयोग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर और भी ऊपर जा सकता है।
गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी बनारस की ओर
जलस्तर बढ़ने की यह मुख्य वजह कानपुर गंगा बैराज से छोड़ा गया करीब 1.5 लाख क्यूसेक पानी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पानी चार दिन में वाराणसी पहुंचेगा, जिससे अगले कुछ दिन शहर के लिए काफी संवेदनशील हो सकते हैं। पिछले 48 घंटों में जलस्तर में हुई निरंतर वृद्धि से यह स्पष्ट हो गया है कि अब राहत के आसार कम हैं। गंगा किनारे बसे इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
जलस्तर की मौजूदा स्थिति
सोमवार को दिनभर गंगा का जलस्तर आधा सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ता रहा। शाम छह बजे तक यह गति बनी रही लेकिन रात सात बजे के बाद अचानक से जलस्तर में 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि देखने को मिली। यह संकेत है कि जल स्तर तेजी से खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है।
निचले इलाकों में परेशानी शुरू
वाराणसी के निचले इलाकों जैसे अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, रामनगर, नगवा आदि में जलभराव की शुरुआत हो गई है। यहां के लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। दुकानों और धार्मिक स्थलों में भी पानी घुसने की स्थिति बन रही है। प्रशासन ने नाव और आपातकालीन बलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ कंट्रोल रूम सक्रिय हो चुका है और राहत व बचाव दल को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन की अपील: सुरक्षित स्थानों पर रहें लोग
जिलाधिकारी वाराणसी ने बयान जारी करते हुए कहा कि: “निचले इलाकों में रहने वाले नागरिक तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाएं। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम पर संपर्क करें।” साथ ही नगर निगम, सिंचाई विभाग और एनडीआरएफ को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है।
घाटों पर श्रद्धालु प्रभावित
वाराणसी में श्रावण मास के चलते भारी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा के लिए आते हैं। मगर अब जलस्तर बढ़ने के कारण कई घाटों पर स्नान वर्जित कर दिया गया है। दशाश्वमेध और मणिकर्णिका घाट पर जलस्तर करीब-करीब सीढ़ियों के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार:
- गंगा का वर्तमान जलस्तर चेतावनी रेखा के बेहद करीब है।
- 1.5 लाख क्यूसेक पानी, जो कानपुर से छोड़ा गया है, वह 72 से 96 घंटे में बनारस पहुंचेगा।
- इस दौरान जलस्तर में 2-3 मीटर तक की वृद्धि हो सकती है।
- अगले 24 घंटे क्यों हैं महत्वपूर्ण?
- गंगा का प्रवाह तेज है।
- अधिक बारिश या बैराज से दोबारा पानी छोड़ने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
- प्रशासन को बाढ़ जैसे हालात की पूर्ण तैयारी रखनी होगी।
बचाव दल और तैयारी
- NDRF, SDRF की टीमों को सक्रिय किया गया है।
- बोट और नावों को घाटों पर तैनात किया गया है।
- जल पुलिस निगरानी में जुटी है।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी रामकुमार विश्वकर्मा ने बताया: “हर साल गंगा बढ़ती है, लेकिन इस बार डर थोड़ा ज्यादा है। पानी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। घर के पास ही पानी आ चुका है।”