प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चार दिवसीय विदेश दौरे के दूसरे चरण में गुरुवार को मालदीव की राजधानी माले पहुंचे। उनकी आगवानी खुद मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने की। मोदी का माले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया जिसमें राष्ट्रपति के साथ उनके कैबिनेट मंत्री और उच्चाधिकारी भी मौजूद थे। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए तस्वीरें सामने आईं, जो भारत-मालदीव संबंधों की सकारात्मक दिशा को दर्शाती हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रण
मालदीव की आजादी के 60 वर्ष पूरे होने पर हो रहे स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह न सिर्फ भारत-मालदीव संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि दक्षिण एशिया में भारत की बढ़ती कूटनीतिक मौजूदगी का प्रमाण भी है।

भारत-मालदीव के बीच रणनीतिक बातचीत की उम्मीद
पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनमी, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एमओयू (MoUs) और रणनीतिक समझौते की संभावना जताई जा रही है।
भारत पहले ही मालदीव में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, सॉफ्ट लोन, और आवास विकास योजनाओं में निवेश कर चुका है। अब इस दौरे में नई परियोजनाओं पर सहमति बनने की उम्मीद है।

भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का विस्तार
यह दौरा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मालदीव हिंद महासागर में भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से अति-महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार शुरू से ही मालदीव के साथ मजबूत द्विपक्षीय रिश्ते कायम रखने की दिशा में कार्य कर रही है।
राष्ट्रपति मुइज्जू का बयान
राष्ट्रपति मुइज्जू ने ट्वीट कर कहा, “हम प्रधानमंत्री मोदी का मालदीव की धरती पर स्वागत करते हैं। यह दौरा दोनों देशों के लिए एक नए युग की शुरुआत है।” मुइज्जू और मोदी के बीच व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी हुई जिसमें दोनों नेताओं ने भविष्य की साझेदारी पर चर्चा की।

संस्कृतिक कार्यक्रमों में होंगे शामिल
पीएम मोदी माले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्वतंत्रता दिवस परेड में भी शिरकत करेंगे। सूत्रों के अनुसार, वह मालदीव के स्थानीय स्कूलों व छात्रों के साथ भी बातचीत कर सकते हैं और भारतीय समुदाय को संबोधित करने का कार्यक्रम भी संभावित है।